Bilaspur news-"बैंक, पुलिस और सराफा व्यापारियों के बीच संयुक्त नेटवर्क बनाये जाने की मांग की - प्रदेश अध्यक्ष सराफा एसोसिएशन कमल सोनी ने,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,
चोरी के जेवर खपाने का अड्डा बन रहे बैंक? गोल्ड लोन पर उठे सवाल, नियम कड़े करने की मांग
सराफा एसोसिएशन ने जताई चिंता ""टार्गेट के दबाव में सुरक्षा से समझौता"पुलिस, बैंक और व्यापारियों के साझा नेटवर्क की मांग
बिलासपुर-छत्तीसगढ़ में बढ़ती चोरी और लूट की घटनाओं के बीच एक नया ट्रेंड सामने आया है—चोरी के जेवरात को बैंकों और फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेना। इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने गंभीर चिंता जताते हुए प्रशासन से सख्त नियम बनाने की मांग की है।हाल ही में सिविल लाइन पुलिस ने एक शातिर चोर और एक फाइनेंस कंपनी के मैनेजर को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि चोर ने चोरी के गहनों को गिरवी रखकर लोन लिया, जबकि मैनेजर ने गहनों के चोरी के होने की जानकारी के बावजूद उन्हें गलाकर ठिकाने लगाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 40 ग्राम गला हुआ सोना भी बरामद किया।कैसे काम कर रहा है ये खेल?
सराफा एसोसिएशन के अनुसार, अपराधी अब सीधे बाजार में चोरी का माल बेचने के बजाय बैंकों और फाइनेंस कंपनियों का सहारा ले रहे हैं।
कागजी प्रक्रिया पूरी कर आसानी से लोन मिल जाता है
जेवर का स्रोत या खरीद का बिल अक्सर नहीं मांगा जाता
जांच के अभाव में चोरी का माल सिस्टम में “क्लीन” हो जाता है"" एसोसिएशन का आरोप: टार्गेट के दबाव में लापरवाही
प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि कई बैंक और फाइनेंस कंपनियां अपने लोन टार्गेट पूरे करने के दबाव में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रही हैं।उनका कहना है कि यह न सिर्फ अनैतिक है बल्कि इससे अपराधियों का हौसला भी बढ़ रहा है और जांच एजेंसियां भी गुमराह हो सकती हैं।क्या हैं प्रमुख मांगें?सराफा एसोसिएशन ने प्रशासन और पुलिस से कई अहम सुझाव दिए हैं:""गोल्ड लोन के लिए मूल खरीद बिल अनिवार्य किया जाए"" सख्त KYC प्रक्रिया लागू हो"" संदिग्ध ग्राहकों की जानकारी तुरंत पुलिस और एसोसिएशन से साझा हो""भारी मात्रा में जेवर लाने पर अतिरिक्त जांच और सूचना प्रणाली हो""" बैंक, पुलिस और सराफा व्यापारियों के बीच संयुक्त नेटवर्क बनाया जाए सावधानी और जागरूकता जरूरी""विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते इस पर सख्ती नहीं की गई, तो यह ट्रेंड अपराधियों के लिए सुरक्षित रास्ता बन सकता है।आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है—अपने कीमती गहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करें
चोरी की स्थिति में तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएं
बिना दस्तावेज के किसी भी वित्तीय लेनदेन से बचें!!गोल्ड लोन जैसी सुविधाएं आम लोगों के लिए राहत का माध्यम हैं, लेकिन यदि इनका दुरुपयोग होता है तो यह कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। ऐसे में सख्त नियम, पारदर्शिता और तीनों पक्ष—बैंक, पुलिस और व्यापारी—के समन्वय से ही इस समस्या पर लगाम लगाई जा सकती है।
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