Bilaspur news-"यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं थी…यह थी टीमवर्क, धैर्य और तकनीकी दक्षता की जीत"""रायपुर पुलिस, ACCU और यूपी STF की संयुक्त कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि""कानून से भागना आसान हो सकता है""लेकिन बचना नामुमकिन है,,,,,पढ़े पूरी स्टोरी,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,, बिलासपुर /रायपुर -रायपुर की शांत दिखने वाली रातों के पीछे पुलिस की एक ऐसी कहानी चल रही थी, जिसमें धैर्य, रणनीति और टीमवर्क की असली परीक्षा हो रही थी। यह कहानी शुरू होती है केंद्रीय जेल रायपुर से… जहां एनडीपीएस एक्ट के गंभीर मामले में सजा काट रहा एक कैदी – चंद्रवीर सिंह उर्फ पिंटू – अपने “अच्छे आचरण” के चलते जेल प्रशासन के भरोसे पर बाहर काम करने भेजा गया था। लेकिन इसी भरोसे ने एक दिन बड़ा मोड़ ले लिया। फरारी की शुरुआत एक सामान्य दिन की तरह ही काम चल रहा था… लेकिन उस दिन चंद्रवीर ने मौका देखा और अचानक गायब हो गया। कुछ ही घंटों में खबर पूरे पुलिस महकमे में फैल गई – “सजायाफ्ता आरोपी फरार हो गया है।” यह कोई साधारण आरोपी नहीं था। उसे एनडीपीएस एक्ट में 15 साल की सजा और 3 लाख रुपये का जुर्माना मिला था। जुर्माना न देने पर 6 साल अतिरिक्त सजा भी तय थी। ऐसे में उसकी फरारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई। तलाश की शुरुआत मामला दर्ज हुआ थाना गंज में, और तुरंत एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम की कमान संभाली उप निरीक्षक काशीनाथ मंडावी ने। अब शुरू हुआ असली खेल –...