Bilaspur news-"25 बच्चे?""हजारों मधुमक्खियां का हमला"नम हो जाएगी आपकी इस घटना को पढ़ते हुए आंखें""मधुमक्खियों के हमले में आंगनबाड़ी सहायिका कंचन बाई का बलिदान,,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,, मधुमक्खियों के हमले में आंगनबाड़ी सहायिका कंचन बाई का बलिदान 25 बच्चों को बचाने के लिए खुद को ढाल बनीं, अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत बिलासपुर /नीमच |/रानपुर गांव - विशेष रिपोर्ट, मध्य प्रदेश के नीमच ज़िले के जावद थाना क्षेत्र अंतर्गत रानपुर गांव सोमवार दो फरवरी की दोपहर एक ऐसी दर्दनाक घटना का गवाह बना, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गांव की आंगनबाड़ी में अचानक हुए मधुमक्खियों के भीषण हमले के दौरान 55 वर्षीय आंगनबाड़ी सहायिका कंचन बाई ने अद्भुत साहस और निस्वार्थता का परिचय देते हुए 20 से 25 मासूम बच्चों की जान बचाई, लेकिन इस कोशिश में वह खुद अपनी जान गंवा बैठीं। आंगनबाड़ी में अचानक मचा कोहराम सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे, जब आंगनबाड़ी परिसर में रोज़ की तरह बच्चों की चहल-पहल थी, उसी वक्त आसपास लगे पेड़ों से मधुमक्खियों का एक बड़ा झुंड अचानक बच्चों पर टूट पड़ा। उस समय आंगनबाड़ी में प्राथमिक स्कूल के बच्चे सहित लगभग 20 से 25 बच्चे मौजूद थे। जहां कुछ पल पहले तक बच्चों की हंसी गूंज रही थी, वहीं कुछ ही सेकंड में चीख-पुकार और अफ़रा-तफ़री मच गई। ब...