Bilaspur news-"लिंगियाडीह बचाव आंदोलन 80वें दिन भी अडिग,धूल में बैठीं सैकड़ों महिलाएं,प्रशासन पर गरीबों को उजाड़ने का आरोप""पूर्व विधायक रामेश्वर खरे का ऐलान होगा सर्वदलीय वृहद आंदोलन,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,
लिंगियाडीह बचाव आंदोलन 80वें दिन भी अडिग,धूल में बैठीं सैकड़ों महिलाएं,प्रशासन पर गरीबों को उजाड़ने का आरोप
पूर्व विधायक रामेश्वर खरे का ऐलान होगा सर्वदलीय वृहद आंदोलन
बिलासपुर :- लिंगियाडीह दुर्गा नगर क्षेत्र में गरीब परिवारों को बेदखली से बचाने के लिए चल रहा लिंगियाडीह बचाव आंदोलन लगातार 80वें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रहा। आंदोलन के इस लंबे कालखंड में आज भी सैकड़ों महिलाएं धूल में बैठकर प्रशासन और नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराती रहीं। विगत ढाई माह से चल रहे इस आंदोलन को अब एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप मिल चुका है,जिसे सामाजिक संगठनों,राजनीतिक दलों,जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों का लगातार समर्थन प्राप्त हो रहा है।
धरना स्थल पर आज सीपत के पूर्व विधायक एवं बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता इंजीनियर रामेश्वर खरे विशेष रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले राजनीतिक दल गरीबों के हित में बड़े-बड़े वादे और घोषणाएं करते हैं,लेकिन सत्ता मिलते ही वही सरकारें गरीबों के अधिकारों का हनन करने लगती हैं पूर्व विधायक खरे ने कहा कि लिंगियाडीह के 138 गरीब परिवारों को उजाड़ने की तैयारी की जा रही है,जिससे इन परिवारों की आजीविका छिन चुकी है और वे सड़क पर आने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के घरों को निर्ममता से तोड़ा जा रहा है और भाजपा सरकार गरीबों को उनकी जमीन से बेदखल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि “राम के नाम पर सत्ता में बैठे लोग आज गरीबों के साथ अन्याय और अत्याचार कर रहे हैं। जिन लोगों ने मेहनत से अपना आशियाना बनाया,आज उन्हें उजाड़ा जा रहा है।” रामेश्वर खरे ने आगे कहा कि डॉ.बाबा साहब अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान ने देश के हर नागरिक को समान अधिकार दिया है और गरीब, वंचित वर्ग को संरक्षण प्रदान किया है,लेकिन आज प्रशासन की कार्रवाई संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गरीबों को राहत नहीं दी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
उन्होंने घोषणा की सर्वदलीय वृहद आंदोलन आयोजित किया जाएगा,जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल होकर गरीबों के हक की लड़ाई लड़ेंगे। धरना स्थल पर छत्तीसगढ़िया मंच के श्याम मूरत साहू ने कहा कि वर्तमान सरकार राम नाम का ढिंढोरा पीटकर शासन कर रही है,जबकि जमीनी स्तर पर गरीबों को उजाड़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान क्षेत्रीय विधायक के दबाव में नगर निगम प्रशासन लिंगियाडीह को उजाड़ने की कार्रवाई कर रहा है और गरीबों को जबरन हटाने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस नेता साखन दर्वे एवं भोलाराम साहू ने कहा कि आंदोलन को 80 दिन पूरे हो चुके हैं,लेकिन आज तक न तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और न ही नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी धरना स्थल तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि सैकड़ों महिलाएं लगातार धूल में बैठकर धरना दे रही हैं,जिससे कई महिलाओं की तबीयत खराब हो रही है,फिर भी प्रशासन पूरी तरह संवेदनहीन बना हुआ है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप कर आंदोलनकारियों की मांगों को स्वीकार करे और उन्हें बेदखल न किया जाए।
धरना संचालन करते हुए डॉ.रघु साहू ने कहा कि गरीब परिवारों के साथ जानबूझकर अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के समर्थन में खड़े वार्ड 52 के पार्षद दिलीप पाटिल के कार्यालय को भी तोड़ दिया गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है।
धरने में शामिल श्रीमती यशोदा पाटिल सहित अनेक महिलाओं ने बताया कि पट्टा देने के नाम पर गरीबों से प्रति वर्गफुट 10 रुपये की दर से राशि वसूली गई,लेकिन आज तक उन्हें पट्टा नहीं दिया गया। उल्टा अब उन्हें मकान तोड़ने के नोटिस दिए जा रहे हैं। महिलाओं ने कहा कि लिंगियाडीह दुर्गा नगर क्षेत्र को पहले ही आवासीय घोषित किया जा चुका है,इसके बावजूद गार्डन और व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स के नाम पर गरीबों को हटाकर अमीरों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है,जो सरासर अन्याय है। धरना आंदोलन में एस.पी.केशर,विश्वनाथ डहरिया,घनश्याम सोनी,सुनील साहू,हर्ष कश्यप,संतोष साहू सहित अनेक वरिष्ठ नागरिकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उपस्थित होकर आंदोलन को समर्थन दिया। आंदोलन में 100 से अधिक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही।
*गरीबों के साथ खड़ा हुआ तो मेरा कार्यालय तोड़ दिया गया : दिलीप पाटिल*
वार्ड 52 के कांग्रेस पार्षद दिलीप पाटिल ने कहा कि वे विपक्ष के पार्षद होने के साथ-साथ गरीबों के साथ मजबूती से खड़े हैं। इसी कारण वैमनस्यता के चलते उनका पार्षद कार्यालय तोड़ दिया गया,जिससे उनका जनसंपर्क और जनसेवा कार्य पूरी तरह बाधित हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय विधायक सुशांत शुक्ला एवं नगर निगम प्रशासन पीड़ित गरीबों के साथ खड़े होने के बजाय बदले की भावना से कार्रवाई कर रहे हैं। मजबूर होकर वे अब धरना स्थल पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं।
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