Bilaspur news-"सबसे बड़ी लूट कांड का डबल जेल कनेक्शन ""लोकल गाइड "जेल मे बंद NDPS मामले रामफेकू के नाम की गाड़ी का वारदात मे इस्तेमाल"""पुलिस उधेड़ रही परत दर परत""पर्दे के पीछे बैठा असली मास्टर माइंड कौन????,, सीपत मामले मे पुलिस के हाथ अब भी खाली,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
बिलासपुर की सबसे बड़ी लूट कांड का डबल जेल कनेक्शन ""लोकल गाइड "जेल मे बंद NDPS मामले रामफेकू के नाम की गाड़ी का वारदात मे इस्तेमाल"""पुलिस उधेड़ रही परत दर परत असली मास्टर माइंड कौन????,, सीपत मामले मे पुलिस के हाथ अब भी खाली,,,
बिलासपुर में सराफा लूटकांड का सनसनीखेज खुलासा
लोकल बदमाश की रैकी, मिर्जापुर से प्रोडक्शन रिमांड पर लौटे लुटेरे, करोड़ों के माल की परत-दर-परत खुली साजिश
बिलासपुर-छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में सराफा व्यापारियों को निशाना बनाकर की गई दो बड़ी लूट की वारदातों ने पूरे कारोबार जगत में दहशत फैला दी है। पुलिस जांच में अब इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है—शहर का ही एक शातिर बदमाश बाहरी राज्यों से आए खूंखार अपराधियों के लिए “लोकल गाइड” बना हुआ था।
पुलिस ने आरोपियों को मिर्जापुर से प्रोडक्शन रिमांड पर लाकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। वारदात में इस्तेमाल कारें जब्त कर ली गई हैं और कई और बड़े खुलासों के संकेत मिल रहे हैं।
17 फरवरी: जानलेवा हमला, साढ़े तीन किलो सोना लूटा
17 फरवरी को राजकिशोर नगर में सराफा व्यापारी संतोष तिवारी पर बदमाशों ने घात लगाकर जानलेवा हमला किया। इसके बाद करीब 3.5 किलो सोना और 3.50 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए।
जांच में सामने आया कि वारदात बेहद सुनियोजित थी—व्यापारी की रोज़ाना गतिविधियों की पहले से रैकी की गई थी।
गिरफ्तार आरोपी:
विजय लांबा (दिल्ली)
मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित (गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश)
विनोद उर्फ बीनू प्रजापति (कोटा, राजस्थान)
करीब खान (बरेली, उत्तर प्रदेश)
पुलिस सभी आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर सीन रिक्रिएट कर रही है, ताकि वारदात की कड़ियों को पुख्ता किया जा सके।
दूसरा वार: 20 फरवरी को 10 किलो चांदी और 100 ग्राम सोना ले उड़े नकाबपोश
पहली वारदात की सिहरन थमी भी नहीं थी कि 20 फरवरी को सीपत क्षेत्र के खम्हरिया स्थित रमेश ज्वेलर्स के संचालक विनय सोनी को बाइक सवार तीन नकाबपोशों ने निशाना बना लिया।
दुकान बंद करते समय बदमाश 10 किलो चांदी और 100 ग्राम सोने से भरा थैला छीनकर फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन बदमाशों का सुराग नहीं मिला। पुलिस अब दोनों घटनाओं के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
जेल में हुई दोस्ती, शहर का बदमाश बना मास्टरमाइंड का मददगार
पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ कि सिविल लाइन क्षेत्र के 27 खोली निवासी नारद श्रीवास ने बाहरी लुटेरों को स्थानीय जानकारी दी थी।
बताया जा रहा है कि उसकी दोस्ती आरोपियों से जेल में हुई थी।उसी ने:सराफा व्यापारी की गतिविधियों की निगरानी कराई,,रूट और टाइमिंग की जानकारी दी
संभावित भागने के रास्ते बताए,पुलिस ने नारद श्रीवास को हिरासत में लेकर पूछताछ तेज कर दी है।
फिल्मी अंदाज़ में भागने की प्लानिंग
लूट के बाद बदमाशों ने व्यापारी की कार को परसाही नहर के पास छोड़ दिया। फिर सीपत-झलमला निवासी ईरफान अली की स्कॉर्पियो से अंबिकापुर पहुंचे।
जांच में सामने आया कि उक्त आई-20 कार गांजा तस्कर रामफेकू के नाम पर है, जो वर्तमान में ओडिशा की जेल में बंद है। कार को विनोद उर्फ बीनू प्रजापति चला रहा था।
यह तथ्य दर्शाता है कि गिरोह के तार अंतरराज्यीय अपराध जगत से जुड़े हो सकते हैं।
67 मामलों का आरोपी: विजय लांबा का आपराधिक इतिहास
मुख्य आरोपी विजय लांबा पर लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास सहित 67 मामले दर्ज हैं।
सूत्रों के मुताबिक वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
दो महीने पहले पहली बार लूट की योजना बनाई, लेकिन असफल रहा
जबड़ापारा में होटल व्यवसायी से कट्टा अड़ाकर लूट की कोशिश
साथी गगनदीप पकड़ा गया
16 फरवरी को चोरी की गाड़ियों से दोबारा बिलासपुर पहुंचा
17 फरवरी को वारदात को अंजाम दिया
अंततः मिर्जापुर में पुलिस के हत्थे चढ़ा
क्या दोनों लूटकांड जुड़े हुए हैं?
पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि:
क्या 17 और 20 फरवरी की वारदातों में एक ही गिरोह सक्रिय था?
क्या स्थानीय स्तर पर और लोग शामिल हैं?
क्या अन्य राज्यों में भी इसी पैटर्न से वारदातें हुई हैं?
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गोपनीय पूछताछ जारी है। जल्द और बड़े खुलासे संभव बताए जा रहे हैं।
व्यापारियों में दहशत, सुरक्षा की मांग तेज
लगातार हो रही वारदातों से शहर के सराफा व्यापारियों में भय का माहौल है। कई व्यापारियों ने पुलिस से अतिरिक्त सुरक्षा और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है।
पुलिस का दावा है कि गिरोह की पूरी कड़ी जल्द उजागर कर दी जाएगी और लूट का अधिकांश माल बरामद कर लिया जाएगा।
( प्रतिष्ठित अखबार के व सूत्र के हवाले से)
बिलासपुर में सराफा लूटकांड ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी अब स्थानीय नेटवर्क और अंतरराज्यीय गठजोड़ के साथ सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से गिरोह का बड़ा हिस्सा पकड़ में आ चुका है, लेकिन जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।
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