Bilaspur news-"ब्रह्मज्ञानी बाबा किशना सिंह जी की 24वीं वार्षिक पुण्यतिथि एवं भाई साहब मेहरबान सिंह साहब की मासिक वरसी के अवसर पर महान कीर्तन दरबार का आयोजन,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
ब्रह्मज्ञानी बाबा किशना सिंह जी की 24वीं वार्षिक पुण्यतिथि एवं भाई साहब मेहरबान सिंह साहब की मासिक वरसी के अवसर पर महान कीर्तन दरबार का आयोजन,,,,
बिलासपुर -धन गुरु नानक दरबार, डेरा संत बाबा थाहिरियां सिंह साहब दरबार में ब्रह्मज्ञानी बाबा किशना सिंह जी की 24वीं वार्षिक पुण्यतिथि तथा भाई साहब मेहरबान सिंह साहब जी की मासिक वरसी के पावन अवसर पर 5 मार्च को भव्य महान कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगत उपस्थित होकर गुरु वाणी का रसपान किया और सत्संग में शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से गुजरात के नवसारी से पधारे भाई साहब सनी मूलचंदानी जी ने अपने मधुर सत्संग और कीर्तन के माध्यम से संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं कल्याण से आए यंग मैन जी ने भी गुरु वाणी का संदेश देते हुए संगत को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इसके अलावा बबल भाई साहब ने भी सत्संग प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान गुरु भक्ति, कीर्तन और सत्संग का माहौल बना रहा। संगत ने बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ गुरु वाणी का श्रवण किया। सत्संग एवं कीर्तन के पश्चात दरबार के प्रमुख भाई साहब मूलचंद नरवानी जी ने विश्व शांति, मानव कल्याण और आपसी भाईचारे के लिए अरदास की।
इस अवसर पर दरबार के प्रबंधक भाई साहब मूलचंद नारवानी, सुरेश वाधवानी, सोनू लालचंदानी, नरेश मेहरचंदानी, राजेंद्र पप्पू भाई, अशोक मतलानी, सुरेश माधवानी, गंगाराम सुखिजा, विकास बजाज, अनीता नारवानी, प्राची सोनू लालचंदानी, वर्षा सुखिजा, मेघराज नारा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पार्षद श्रीमती कंचन वाधवानी, कंचन रोहरा, पलक माखीजा, कशिश जैसवानी, अमृता लालचंदानी, ज्योति हिंदूजा, स्नेहा पमनानी, प्राची बजाज, बलराम रामानी, डॉ. हुदलदास सोमनानी, मुरली कुकरेजा, विष्णु धनवानी, बलबीर सिंह, अविनाश हिंदूजा, राहुल पमनानी, लक्ष्मण पंजवानी, साहिल, नंदलाल पोपटानी, सोनिया कलवानी, डॉ. सोनम, अक्षय, दीपक एवं नीलम लालवानी, रोशन सहित अनेक सेवादार और संगतजन मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कीर्तन दरबार के समापन के बाद संगत के लिए प्रसाद एवं लंगर की व्यवस्था भी की गई, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ और संगत ने संतों की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
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