Bilaspur news-"अनोखी शादी 17 मिनट मे"ये बड़ा वैवाहिक कार्यक्रम हुआ सम्पन्न,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,
दहेज-मुक्त भारत की ओर सशक्त कदम: कोरबा में 17 मिनट में हुआ सरल रमैनी विवाह
संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में सम्पन्न हुआ सादगीपूर्ण व वैदिक रीति पर आधारित विवाह, समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना
बिलासपुर /कोरबा-,हरदीबाजार–दीपका क्षेत्र स्थित शक्तिनगर सामुदायिक भवन आज सामाजिक सुधार और सादगी के अद्भुत संदेश का गवाह बना। संत रामपाल जी महाराज जी के पावन सानिध्य में आयोजित दहेज-मुक्त रमैनी (विवाह) महज 17 मिनट में वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुआ। यह विवाह न केवल सामाजिक कुरीतियों को चुनौती देता है, बल्कि हजारों परिवारों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनता है।सत्संग से हुई शुरुआत, समाज सुधार पर विस्तृत चर्चा,,कार्यक्रम का शुभारंभ एक दिवसीय सत्संग से हुआ, जिसमें समाज सुधार, सत्य ज्ञान और श्रष्टि के वास्तविक रहस्यों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। दहेज प्रथा, आडंबर और सामाजिक प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। सत्संग के बाद वैदिक पवित्रता से ओत-प्रोत रमैनी विवाह विधि संपन्न की गई।
विवाह से जुड़े वर–वधू का परिचय
वर
भक्त – गौतम दास (31 वर्ष)
पिता – महेत्तर दास
ग्राम/तहसील – कोरबा
जिला – कोरबा (छ.ग.)
वधू
भगतमती – बिंदु दासी मानिकपूरी (26 वर्ष)
पिता – ईश्वर दास मानिकपूरी
ग्राम/तहसील – कोरबा
जिला – कोरबा (छ.ग.)
सिर्फ 17 मिनट में पूर्ण हुआ विवाह, बिना दहेज–बिना आडंबर
रमैनी विवाह विधि अपनी सरलता और पवित्रता के लिए प्रसिद्ध है।
इस विवाह में—न दहेज का लेन-देन,न बैंड-बाजा,न खर्चीले रिवाज,न कोई अनावश्यक आडंबर सबकुछ संत रामपाल जी महाराज जी की गुरु-वाणी, देवी–देवताओं की स्तुति और वैदिक मंत्रों के साथ पूर्ण हुआ।सहज, सादगीपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुए इस विवाह ने उपस्थित जनसमूह को गहरे रूप से प्रभावित किया।संत रामपाल जी महाराज जी का दहेज-मुक्त अभियान—एक सामाजिक क्रांति,,देशभर में संत रामपाल जी महाराज जी के मार्गदर्शन में प्रतिदिन हजारों सादगीपूर्ण, नि:शुल्क और दहेज-मुक्त विवाह कराए जा रहे हैं।
उनका उद्देश्य—भारतीय परिवारों को आर्थिक बोझ से बचाना,दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त करना,समाज में सादगी और संस्कारों को पुनर्जीवित करना,,यह अभियान आज एक राष्ट्रीय सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है।समाजसेवी अभियानों की विस्तृत जानकारी भी दी गई,,कार्यक्रम में उपस्थित,जिला संयोजक — धरम दास, अजय कुर्रे, सुमिरन दास
ने संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा संचालित विभिन्न मानवतावादी और सामाजिक सेवा अभियानों के बारे में भी बताया —1. अन्नपूर्णा मुहिम भूखे और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराने का अभियान।2. दहेज-मुक्त विवाह आंदोलन,हजारों परिवारों को भारी खर्च और कुप्रथाओं से मुक्ति दिलाने वाला ऐतिहासिक कदम।3. रक्तदान शिविर,नियमित रक्तदान शिविरों के माध्यम से हजारों लोगों की जान बचाई गई।
4. नशा-मुक्त भारत अभियान
युवाओं को नशे से दूर रखकर स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल।5. देहदान अभियान,चिकित्सा क्षेत्र में अमूल्य योगदान, मानव सेवा का सर्वोच्च उदाहरण।संयोजकों ने बताया कि इन सभी मुहिमों के माध्यम से गुरुजी का लक्ष्य है—“भारत को पुनः सोने की चिड़िया बनाना।”साधना, सादगी और सेवा—नई पीढ़ी के लिए एक आदर्श संदेश,,आज का यह दहेज-मुक्त रमैनी विवाह न केवल एक विवाह समारोह था, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी था।
संत रामपाल जी महाराज जी की प्रेरणा से चल रहे इन विवाहों ने हजारों परिवारों को—कर्ज,दहेज के दानव,सामाजिक दिखावे,,खर्चीली रस्मों से छुटकारा दिलाया है।उपस्थित रहे सैकड़ों अनुयायी,,मुनीन्द्र धर्मार्थ ट्रस्ट के पदाधिकारियों सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर में भाग लिया और सामाजिक सुधार की इस दिशा को सराहा,,,कोरबा में संपन्न हुआ यह 17 मिनट का सरल व पवित्र रमैनी विवाह न केवल एक व्यक्तिगत उत्सव था, बल्कि एक सामाजिक क्रांति का प्रतीक भी।
यह समारोह एक नए, संस्कारवान, दहेज-मुक्त और सशक्त भारत की ओर बढ़ते कदमों का साक्षी बना।
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