Bilaspur news-"""8 न्यूज़ CG की खबर का असर""रामनवमी के पावन दिन मे अज्ञात घायल बच्चे (अयान खान )के मिले परिजन"""मदद करने वाले साहसी युवक आए"मीडिया के सामने"पुलिस की जांच पड़ताल जारी"""जल्द ही आरोपी होंगे"" पुलिस गिरफ्त में,,,,दर्दनाक सड़क हादसा या खुलेंगे कुछ और राज?? पुलिस जाँच मे होगा स्पष्ट,,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
""8 न्यूज़ CG की खबर का असर""रामनवमी के पावन दिन मे अज्ञात घायल बच्चे (अयान खान )के मिले परिजन""" मदद करने वाले साहसी युवक आए"मीडिया के सामने"पुलिस की जांच पड़ताल जारी"""जल्द ही आरोपी होंगे"" पुलिस गिरफ्त में,,,,
दर्दनाक सड़क हादसा या राज कुछ और?? पुलिस जांच में होगा खुलासा .मीडिया टीम की जांच पड़ताल,,,
सोशल मीडिया के माध्यम से परिजन मिले अपने बच्चे से अस्पताल प्रबंधन के त्वरित चिकित्सा से बच्चे की बची जान
दो साहसी सगे भाई सत्यप्रकाश श्रीवास और गोकुल श्रीवास को मीडिया टीम का सलाम
बिलासपुर -दरअसल पूरा मामला कोनी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले रतनपुर बिलासपुर मार्ग में गुड़ाखू फैक्टी के पास का है,जहां पर घायल बच्चे अयान खान की माता के द्वारा बताया गया कि अयान रोज की तरह मॉर्निंग वॉक में जाता था और घटना की रात वह साथ में सोया था सुबह जब हम लोगों की नींद खुली तो वह बिस्तर में नहीं था,, हमे ये लगा के अयान मॉर्निंग वॉक पर गया हुआ है,,, काफी देर होने पर वह घर नहीं लौटा तब हमने अपने आस पड़ोस में जांच पड़ताल की फिर हमें सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला,,कि हमारा बच्चा अस्पताल में भर्ती है,,,
तो हम लोग फौरन सिम्स हॉस्पिटल पहुंचे जहां अयान का इलाज चल रहा था उसके पैर एवं उल्टे आंख के नीचे ऊपर और होंठ पर चोट आई थी मीडिया टीम से अयान के पिता हसन खान ने बताया कि रोज कि तरह सुबह अयान घूमने निकला था,,,
काफी देर तक घर वापस नही लौटा,, फिर हमें जानकारी मिली मीडिया के माध्यम कि अयान अस्पताल में भर्ती है अब हम यह चाहते है कि हमारे बेटे के साथ जो भी घटना हुआ है उसके पीछे जो भी गुनहगार है वो जल्द से जल्द पकड़े जाने चाहिए और उनको कानून से सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए अब मीडिया टीम अस्पताल से निकलकर खोजबीन में लग गई मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की उसके बाद उन दो साहसी भाइयों के पास फोन से संपर्क किया गया और दोनों भाई मीडिया टीम से मिलने को राजी हो गए।
सत्यप्रकाश ने बताया कि वह अपने भाई गोकुल श्रीवास के साथ सप्तमी मां महामाया देवी के दर्शन करने रतनपुर गया हुआ था वापस लौटने के दौरान सत्यप्रकाश ने बताया लगभग प्रातः 5:45 से 6.15 के बीच समय उसे ठीक से याद नहीं था,गुड़ाखू फैक्ट्री के पास में से निकल ही रहा था कि चार पांच लोगों की भीड़ लगी हुई है और उनमें से हाथ दिखाकर इन दोनों भाइयों को रोका गया इन दोनों ने जब देखा गाड़ी रोकने के बाद एक बच्चा जो कि बहुत ज्यादा ज़ख्मी था,,,,
जिसका खून बहुत बह रहा था जिन लोगों ने इन्हें रोका था उन लोगों ने दोनों भाइयों से कहा कि इस बच्चे को आप फौरन अस्पताल ले जाइए और मेरे गोद में बच्चे को उठाकर भीड़ में लोगों ने मेरी गोद में दे दिया और कहा कि आप अस्पताल चलो और आपके पीछे पीछे आ रहे है. मेरे और मेरे भाई ने यह निर्णय लिया कि सबसे पहले इस बच्चे की जान बचाई जाए हम फौरन घायल बच्चे को लेकर सिम्स अस्पताल पहुंचे,,
जो कि मीडिया टीम से साहसी युवकों ने कहा कि अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में जरूर आया होगा के हम दोनों भाई अस्पताल पहुंचे है मुख्य गेट पर बैठे सिक्योरिटी गार्ड(स्टाफ) के द्वारा व्हीलचेयर लाया गया मेरे द्वारा फौरन इलाज के लिए बच्चे को स्टाफ के साथ आपात कालीन ले जाया गया .
मेरे भाई गोकुल के द्वारा अपनी गाड़ी पार्किंग में खड़ा कर के मुख्य द्वार के पास पहुंचा तब तक मैं अपनी पूरी जानकारी ड्यूटी में लगे स्टाफ को दे दिया जिसमें मैने अपना नाम एवं पता मोबाइल नंबर सभी दे दिया उसके बाद मुख्य द्वार से मै मेरे भाई गार्ड से घटना की सारी जानकारी दी गई।
उसके बाद हम दोनो भाई इंतजार करने लगे उन लोगों का इंतजार करने लगे जिन लोगों बच्चे को अस्पताल ले जाने के लिए कहा था कि हम पीछे आ रहे है काफी देर तक इंतजार करने के बाद किसी के नहीं आने पर हम दोनो भाई इस बात से संतुष्ट हुए के बच्चे को फौरन इलाज मिल गया उसके बाद हम लोग रिवर व्यू राम सेतु के पुल तक गए और वहां उन लोगों का इंतजार किया,,,
उसके बाद अपने घर चले गए।दूसरे दिन आप मीडिया के माध्यम से हमें पता चला कि घायल बच्चा अभी तक अज्ञात है तब हम दोनो भाई फिर अस्पताल पहुंचे, जहां पर देखा कि बच्चे की मां अस्पताल पहुंच चुकी थी,,
और उसकी मां और पिता को भी सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिल चुकी थी और उसने हमारा आभार भी किया कि मेरे बच्चे की जान बचाने के लिए आप दोनों भाइयों का दिल से धन्यवाद।उसके बाद हम दोनो भाई संतुष्ट होकर अपने घर चले गए और अपना काम करने लगे।फिर कुछ देर बाद मीडिया के द्वारा खबरों मे हमने पढ़ा कि कुछ अज्ञात लोग घायल बच्चे को अस्पताल छोड़ कर भाग गए,,, अब आप लोग ही तय करे?और जनता तय करे???कि हम दोनो भाई गलत किए या सही..?
उसके बाद कोनी थाना प्रभारी भावेश सेंडे से फोन पर संपर्क किया गया।उनके द्वारा बताया गया कि इस मामले में सिम्स अस्पताल से मिले मेमो के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार व मार्ग दर्शन में कोनी थाना स्टाफ से अस्पताल रवाना किया।आगे की जांच व कार्रवाई जारी है और जल्द ही इस घटना के आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे। घटना की विस्तृत जानकारी ली जा रही है,, आसपास के सीसीटीवी खंगाले जा रहे,, आगे की जांच व कार्रवाई जारी है,,,,,
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