Bilaspur news -"संदेशात्मक होली: साईं होम्स की महिलाओं ने दिया" नशामुक्ति का संकल्प"युवाओं को किया जागरूक,,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,
संदेशात्मक होली: साईं होम्स की महिलाओं ने दिया" नशामुक्ति का संकल्प"युवाओं को किया जागरूक
बिलासपुर- रंगों के पर्व होली पर जहां पूरे देश में उत्सव और उमंग का माहौल है, वहीं बिलासपुर के व्यापार विहार स्थित साईं होम्स सोसायटी की महिलाओं ने इस बार होली को एक विशेष सामाजिक संदेश के साथ मनाया। सोसायटी परिसर में आयोजित होली मिलन समारोह रंग, गुलाल और फूलों की खुशबू के साथ-साथ नशामुक्ति के संकल्प का प्रतीक बनकर उभरा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक परिधानों में शामिल हुईं। आयोजन की शुरुआत एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और होली की शुभकामनाएं देकर की गई। इसके बाद फूलों की होली, पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उल्लासमय बना दिया। परिसर में सजी रंग-बिरंगी सजावट और उत्साहित चेहरों ने आयोजन को और भी खास बना दिया।
होली मिलन के दौरान महिलाओं ने विभिन्न प्रकार के पारंपरिक पकवान और व्यंजन तैयार किए, जिनका सभी ने मिलकर आनंद लिया। हंसी-ठिठोली, लोकगीतों और सामूहिक नृत्य के बीच आपसी एकता और भाईचारे की भावना साफ झलकती रही।
इस अवसर पर समाजसेवी एवं भाजपा नेत्री किरण सिंह ने उपस्थित महिलाओं और युवाओं को संबोधित करते हुए नशामुक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि होली जैसे पर्व खुशियों, प्रेम और सौहार्द के प्रतीक हैं, लेकिन कुछ लोग नशे के कारण इस पवित्र त्योहार की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील करते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। “आपका परिवार आपकी राह देखता है। नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल आपकी, बल्कि दूसरों की जान के लिए भी खतरा है,”।
किरण सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि यदि महिलाएं संकल्प ले लें तो वे परिवार और समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने सभी को सुरक्षित, संयमित और मर्यादित तरीके से होली मनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सोसायटी की महिलाओं ने सामूहिक रूप से नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।
यह आयोजन केवल रंगों का उत्सव नहीं रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जिम्मेदारी का भी सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। साईं होम्स की महिलाओं ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की असली खुशी तभी है, जब वे समाज में सकारात्मक बदलाव और सद्भावना का कारण
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें