Bilaspur news -"सकरी हत्याकांड" भागने से पहले सकरी पुलिस ने दबोचा"""हत्यारों को,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
बिलासपुर में दोस्ती बनी दुश्मनी: मामूली विवाद में दो भाइयों ने उतारा मौत के घाट, भागने से पहले ही दबोचे गए आरोपी
बिलासपुर। शहर के सकरी थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मामूली विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया। दोस्ती के रिश्ते में दरार इतनी गहरी हुई कि दो सगे भाइयों ने अपने ही साथी की बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। हालांकि पुलिस की सतर्कता और बीट आरक्षकों की मुस्तैदी के चलते आरोपी ज्यादा दूर तक भाग नहीं सके और आखिरकार गिरफ्तार कर लिए गए।
शराब पार्टी से शुरू हुआ विवाद,घटना 14 मार्च 2026 की है। संबलपुर निवासी सतीश कौशिक अपने परिचित राकेश कौशिक उर्फ छोटू और गणेश कौशिक के साथ सकरी स्थित शराब भट्टी गया था। तीनों ने वहां जमकर शराब पी और अपने साथ देशी शराब, खाना और पानी लेकर गांव के पास खेत में पीपल के पेड़ के नीचे बैठ गए।शुरुआत में माहौल सामान्य था, लेकिन जैसे-जैसे नशा चढ़ा, बात बिगड़ने लगी। बताया जा रहा है कि इसी दौरान सतीश ने गणेश और उसके परिवार को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी। पहले तो दोनों भाइयों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं माना तो विवाद हिंसक हो गया।
गुस्से में बदल गई वारदात,,नशे और गुस्से में राकेश और गणेश ने मिलकर सतीश पर हमला कर दिया। दोनों ने हाथ-मुक्कों से इतनी बेरहमी से मारपीट की कि वह पीपल के पेड़ की जड़ के पास गिर पड़ा। सिर और चेहरे पर गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई।हत्या के बाद फरार,वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से भाग निकले। पहले वे मरही माता क्षेत्र की ओर गए और बाद में मेण्ड्रा स्थित अपने ससुराल में छिपकर पुलिस से बचने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान वे बाहर भागने की फिराक में भी थे।बीट आरक्षकों की मुस्तैदी से गिरफ्तारी,इधर, मृतक के छोटे भाई कृष्णा कौशिक की रिपोर्ट पर सकरी थाने में मर्ग और हत्या का मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम सक्रिय हुई।16 मार्च को बीट आरक्षकों को सूचना मिली कि दोनों आरोपी ग्राम पांड क्षेत्र में छिपे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मेण्ड्रा से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कार्रवाई में आरक्षक आशीष शर्मा, अफाक खान और अनुप नेताम की विशेष भूमिका रही,,पुलिस की तत्परता से सुलझा मामला,,थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि नशा और गुस्सा मिलकर कैसे एक छोटी सी बात को जानलेवा बना देते हैं। वहीं, पुलिस की सतर्कता और बीट सिस्टम की मजबूती ने इस मामले को जल्द सुलझाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
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