Bilaspur news-"ब्लास्ट से दहला न्यायधानी"": आधी रात का धमाका, सूझबूझ से बच" दंपति की जान, लाखों का नुकसान,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
सिलेंडर ब्लास्ट से दहला नेहरू नगर: आधी रात का धमाका, सूझबूझ से बची जान, लाखों का नुकसान
बिलासपुर -न्यायधानी बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत नेहरू नगर की शांत रात उस वक्त दहशत में बदल गई, जब रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे एक जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। यह धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों में सो रहे लोग घबराकर बाहर निकल आए।
नेहरू नगर के अर्चना विहार के पास रहने वाले संतोष तिवारी अपनी पत्नी के साथ गहरी नींद में थे। रात का सन्नाटा अचानक एक भयावह धमाके से टूट गया। धमाके की आवाज सुनते ही दोनों की नींद खुली और उन्हें कुछ अनहोनी का अंदेशा हुआ। जब उन्होंने कमरे से बाहर निकलकर देखा, तो सामने का मंजर रोंगटे खड़े कर देने वाला था।
घर के भीतर रखा गैस सिलेंडर फट चुका था। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि कमरे की दीवारें दरक गईं, सामान चारों ओर बिखर गया और आग के साथ धुएं ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही पलों में घर का माहौल जानलेवा हो गया।
लेकिन इस मुश्किल घड़ी में संतोष तिवारी और उनकी पत्नी ने घबराने के बजाय सूझबूझ का परिचय दिया। बिना समय गंवाए दोनों ने तुरंत घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। अगर कुछ सेकंड की भी देरी होती, तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था।
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी अपने घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई। हर कोई सहमा हुआ था, लेकिन लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए आग बुझाने की कोशिश शुरू की। बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों के सहारे स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
हालांकि, इस हादसे ने तिवारी परिवार को गहरा आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। घर का कीमती सामान, फर्नीचर और जरूरी वस्तुएं जलकर खाक हो गईं। अनुमान है कि इस घटना में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद दमकल विभाग की एक भी गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। अगर समय पर दमकल पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। इस लापरवाही को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
फिलहाल, यह हादसा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग न केवल इस भयावह घटना से सहमे हुए हैं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर भी सवाल उठा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।
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