Bilaspur news-"तपती धूप में तड़पता रहा""घायल युवक""घंटों तक नहीं मिली मदद — इंसानियत पर उठे सवाल?
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,,
तपती धूप में तड़पता रहा""घायल युवक""घंटों तक नहीं मिली मदद — इंसानियत पर उठे सवाल?
कैसे पुलिस ने आगे बढ़कर किया घायल का मदद ज़ाने
बिलासपुर/रायपुर-राजधानी के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) निवास के ठीक सामने एक मोपेड सवार युवक दुर्घटना का शिकार हो गया, लेकिन सबसे हैरानी की बात यह रही कि घायल युवक घंटों तक सड़क पर तड़पता रहा और आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज धूप के बीच युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़ा हुआ था। हादसा इतना गंभीर था कि उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी, लेकिन मौके पर मौजूद किसी भी व्यक्ति ने आगे बढ़कर मदद करने की हिम्मत नहीं दिखाई। लोग आते-जाते रहे, लेकिन घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने की पहल किसी ने नहीं की।
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान कुछ प्रभावशाली लोग भी मौके पर मौजूद थे, जिनमें एक स्थानीय विधायक के पुत्र का नाम भी सामने आ रहा है। हालांकि, उन्होंने भी घायल की मदद नहीं की, जिससे लोगों में आक्रोश और निराशा दोनों देखने को मिल रही है। यह सवाल अब चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर समाज में संवेदनशीलता इतनी कम क्यों होती जा रही है।
कुछ समय बाद सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। देर से ही सही, लेकिन एम्बुलेंस की मदद से घायल युवक को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। फिलहाल उसकी हालत को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्राथमिक तौर पर यह सड़क दुर्घटना का मामला लग रहा है, लेकिन आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि पूरी घटना की सच्चाई सामने आ सके।
इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में सड़क सुरक्षा व्यवस्था और आम नागरिकों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में तुरंत मदद सुनिश्चित करने के लिए सख्त व्यवस्था की जाए और लोगों को जागरूक किया जाए।
समाज के लिए सवाल:
क्या हम इतने असंवेदनशील हो चुके हैं कि एक घायल इंसान की मदद करना भी जरूरी नहीं समझते? यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि समाज के बदलते रवैये का आईना है।पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नागरिकों से भी अपील की गई है कि ऐसे हादसों में “गुड सेमेरिटन” (सहायक नागरिक) बनकर आगे आएं और जरूरतमंद की मदद करें।
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