"""8 news cg -"""कभी-कभी कुछ हादसे सिर्फ जान नहीं लेते, बल्कि पीछे ऐसी तस्वीर छोड़ जाते हैं जो लंबे समय तक लोगों के जेहन में बस जाती है,,,,??

शेख असलम की रिपोर्ट,,,,,
नाले में बही कार चौथे दिन मिली: एक-दूसरे का हाथ थामे मिले पति-पत्नी के शव, दर्दनाक मंजर देख हर आंख हुई नम


बिलासपुर/सारंगढ़-बिलाईगढ़-कभी-कभी कुछ हादसे सिर्फ जान नहीं लेते, बल्कि पीछे ऐसी तस्वीर छोड़ जाते हैं जो लंबे समय तक लोगों के जेहन में बस जाती है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के माधोपाली क्षेत्र में उफनते लात (घोघरा) नाले में चार दिन पहले बही कार को बुधवार को आखिरकार बाहर निकाल लिया गया। कार के भीतर ग्राम घोटला बड़े के पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी के शव मिले। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब दोनों के शव एक-दूसरे का हाथ थामे हुए मिले। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी, राहत दल और ग्रामीण भी भावुक हो उठे। कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
लगातार हो रही बारिश के कारण लात (घोघरा) नाला उफान पर था। तेज बहाव के बीच दंपति की कार नाले में बह गई थी। हादसे के बाद से दोनों लापता थे। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल बड़े स्तर पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन तेज धारा, गहराई, कीचड़ और लगातार खराब मौसम ने राहत कार्य को बेहद कठिन बना दिया। हर गुजरते दिन के साथ परिजनों की उम्मीदें टूटती रहीं, लेकिन प्रशासन और राहत दल ने तलाश जारी रखी।
बुधवार को रेस्क्यू अभियान के चौथे दिन आखिरकार सफलता मिली। एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), डीडीआरएफ (DDRF), पुलिस, स्थानीय प्रशासन, ग्रामीणों और विशेष रूप से पंजाब से बुलाए गए विशेषज्ञ गोताखोरों की संयुक्त टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद कार का पता लगाया और उसे नाले से बाहर निकाला। कार के भीतर पति-पत्नी के शव मिले। दोनों एक-दूसरे का हाथ थामे हुए थे, मानो अंतिम क्षण तक उन्होंने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा हो।घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए। हर किसी की जुबान पर बस यही था कि प्रकृति के इस निर्मम हादसे ने एक खुशहाल परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया।
प्रशासन ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर परिजनों को सूचना दे दी है। जिला प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान में शामिल सभी एजेंसियों, गोताखोरों, पुलिस बल और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सभी ने पूरी निष्ठा से अभियान को अंजाम दिया। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि बरसात के मौसम में उफनते नदी-नालों को पार करने की छोटी-सी चूक भी अपूरणीय त्रासदी में बदल सकती है। वहीं, अंतिम क्षण तक एक-दूसरे का हाथ थामे मिले पति-पत्नी की यह तस्वीर हर देखने वाले के दिल को झकझोर गई और सभी की आंखें नम कर गई।

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