Bilaspur news-"दहला देने वाला धमाका":मौत का तांडव, 12 मजदूरों की दर्दनाक मौत,30गंभीर रूप से घायल""चीखों से गूंज उठा"""इलाका
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
दहला देने वाला धमाका": सक्ती के वेदांता प्लांट में मौत का तांडव, 12 मजदूरों की दर्दनाक मौत,30 गंभीर रूप से घायल""चीखों से गूंज उठा इलाका,,,,
बिलासपुर /सक्ति -छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की मंगलवार की दोपहर अचानक एक ऐसे भयावह मंजर में बदल गई, जिसे देखकर हर किसी की रूह कांप उठी। सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में हुआ भीषण बॉयलर विस्फोट न सिर्फ एक औद्योगिक हादसा था, बल्कि मानो कुछ ही पलों में जिंदा लोगों को मौत के मुंह में धकेल देने वाली त्रासदी बन गया। एक पल में सब खत्म…
प्लांट के अंदर रोज़ की तरह काम चल रहा था। मजदूर अपने-अपने काम में जुटे थे, तभी अचानक—
एक जोरदार धमाका हुआ… इतना भयानक कि धरती तक कांप उठी।
बॉयलर फटते ही आग का विशाल गोला और काले धुएं का गुबार आसमान में छा गया। आसपास काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कई मजदूर विस्फोट की सीधी चपेट में आ गए—कुछ वहीं ढेर हो गए, तो कई आग में झुलसते हुए
चीखते-चिल्लाते नजर आए। हर तरफ चीख-पुकार और अफरा-तफरी,प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,“चारों तरफ बस धुआं ही धुआं था… और इंसानी चीखें… कोई किसी को ढूंढ रहा था, कोई जान बचाने के लिए भाग रहा था।”
घटना के बाद प्लांट परिसर में भगदड़ मच गई। घायल मजदूर दर्द से तड़पते हुए मदद के लिए पुकार रहे थे। कई लोग बुरी तरह झुलस चुके थे, तो कुछ खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे।राहत-बचाव में जंग जैसा माहौल,हादसे की खबर मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत टीम मौके पर पहुंची।
घायलों को मलबे और आग के बीच से निकालना आसान नहीं था—
हर सेकंड किसी की जिंदगी और मौत के बीच की दूरी बन चुका था।स्थानीय लोगों ने भी जान जोखिम में डालकर बचाव कार्य में मदद की। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया,
जहां कई की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। मौत का आंकड़ा बढ़ने का डर"अब तक 12 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 30 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि कुछ की हालत बेहद नाजुक है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। प्रधानमंत्री ने जताया शोक""इस दर्दनाक हादसे पर नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि पूरा देश इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से:मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख,घायलों को ₹50 हजार की सहायता की घोषणा की गई है। जांच शुरू, सुरक्षा पर सवाल,घटना के बाद पूरे प्लांट को घेर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती तौर पर बॉयलर फटना ही कारण माना जा रहा है, लेकिन असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रमिक संगठनों ने सख्त कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।एक दर्दनाक सच्चाई,कुछ ही सेकंड में सब कुछ बदल गया—
जहां सुबह काम पर निकले मजदूर थे,वहीं शाम तक मातम, चीखें और खामोशी रह गई…यह हादसा सिर्फ एक खबर नहीं,बल्कि उन परिवारों की टूट चुकी दुनिया की कहानी है,
जिनके अपने अब कभी लौटकर नहीं आएंगे…
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