Bilaspur news-"20 वर्षीय लॉ छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, कारण अज्ञात पुलिस जूटी जाँच मे,,,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
GGU की लॉ छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, शादी के दबाव और पिता की फटकार बनी वजह?
कोनी थाना क्षेत्र की रिवर व्यू कॉलोनी की घटना,,,,,
बिलासपुर-छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) में पढ़ने वाली एक 20 वर्षीय लॉ छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना कोनी थाना क्षेत्र स्थित रिवर व्यू कॉलोनी की है। इस घटना ने न सिर्फ विश्वविद्यालय परिसर बल्कि पूरे शहर में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि छात्रा पर परिवार की ओर से शादी के लिए दबाव बनाया जा रहा था, साथ ही पढ़ाई को लेकर पिता की फटकार के कारण वह मानसिक रूप से तनाव में थी। क्या है पूरा मामला?
मृतका की पहचान रायगढ़ निवासी दृष्टि गुप्ता (20 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में लॉ सेकंड ईयर की छात्रा थी।
वह पिछले करीब दो वर्षों से बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र स्थित रिवर व्यू कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही थी।जानकारी के अनुसार, 13 अप्रैल की शाम को छात्रा कॉलेज से लौटने के बाद अपने परिजनों से फोन पर बातचीत की थी। इसके बाद वह अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने भी गई थी।14 अप्रैल की सुबह जब वह वापस लौटी, तब उसकी अपने पिता से फोन पर बातचीत हुई। इसी दौरान पढ़ाई और भविष्य को लेकर पिता ने उसे कड़ी फटकार लगाई थी।
बताया जा रहा है कि इस बातचीत के बाद छात्रा काफी आहत हो गई और उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया। सहेलियों को हुआ शक, पुलिस को दी सूचना,काफी समय तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर साथ में रहने वाली अन्य छात्राओं और सहेलियों को शक हुआ। उन्होंने कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।
स्थिति संदिग्ध लगने पर उन्होंने मकान मालिक और तुरंत कोनी थाना पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य बेहद हृदयविदारक था—छात्रा का शव पंखे से लटका हुआ मिला।
शादी का दबाव और मानसिक तनाव बना कारण कोनी थाना प्रभारी राजश्री दामू कोसले के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि छात्रा पर परिजनों द्वारा शादी के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जबकि वह अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती थी।परिजनों ने पुलिस को यह भी बताया कि छात्रा का स्वभाव कुछ गुस्सैल था और वह बातों को दिल पर ले लेती थी। पिता की फटकार के बाद वह मानसिक रूप से तनाव में आ गई और आवेश में यह कदम उठा लिया। सुसाइड नोट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं?मामले में सुसाइड नोट मिलने को लेकर विरोधाभासी जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार मौके से कोई स्पष्ट सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, हालांकि कुछ दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त किया गया है।इनकी जांच हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से कराई जा सकती है, जिससे मामले के कारणों की पुष्टि हो सके।जांच जारी, पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई,,पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला मानसिक तनाव में उठाए गए कदम का प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं—परिवारिक दबाव, मानसिक स्थिति और अन्य संभावित कारणों—की गंभीरता से जांच की जा रही है। समाज के लिए एक बड़ा सवाल यह है कि घटना एक बार फिर युवाओं पर बढ़ते पारिवारिक दबाव, मानसिक तनाव और संवाद की कमी जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करती है।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में परिवार को बच्चों की भावनाओं और आकांक्षाओं को समझते हुए संवेदनशील रवैया अपनाना बेहद जरूरी है।
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