Bilaspur news-"बड़ा दुखद हादसा -परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़ घर में मातम"""2 दोस्तों के लिए बनी""नदी मौत का काल,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
बड़ा दुखद हादसा -परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़ घर में मातम" शिवनाथ नदी में डूबे दो दोस्त""
बिलासपुर /दुर्ग -छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां रविवार को पिकनिक मनाने गए दो पड़ोसी दोस्तों की नदी में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा शिवनाथ नदी के छातागढ़ पिकनिक स्पॉट पर हुआ, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है—लेकिन इस बार यही जगह मातम का कारण बन गई। कैसे हुआ हादसा?प्राप्त जानकारी के अनुसार, कैलाश नगर, दुर्ग निवासी मोहम्मद फैजल (21 वर्ष) और मोहम्मद ईशांत (13 वर्ष) अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने छातागढ़ पहुंचे थे। गर्मी से राहत पाने के लिए सभी नदी में नहाने उतरे, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि नदी के उस हिस्से में पानी की गहराई 10 से 20 फीट तक है।
नहाने के दौरान अचानक एक लड़का गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए दूसरा दोस्त आगे बढ़ा, लेकिन हालात काबू से बाहर हो गए और देखते ही देखते दोनों गहरे पानी में समा गए। बाकी दोस्तों ने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।घटना की सूचना मिलते ही SDRF (State Disaster Response Force) और स्थानीय पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी श्री नागेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
एसडीआरएफ प्रभारी धनीराम यादव, ईश्वर खरे सहित जवानों ने गहरे पानी में डिप डाइविंग कर घंटों मशक्कत की।करीब रात 8 बजे दोनों युवकों के शव नदी से बाहर निकालकर पुलिस को सौंप दिए गए।इस कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन में राजकुमार यादव, चंद्रप्रताप, आशीष, थानेश्वर, दिनेश, विनय, महेश, हेमराज, चंदू और भानु ने अहम भूमिका निभाई।
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम (अकस्मात मृत्यु) कर जांच शुरू कर दी है।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल दुर्ग भेजा गया है।
घटना के समय साथ मौजूद तीन दोस्तों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि पूरी घटना की सटीक जानकारी सामने आ सके। प्रशासन की चेतावनीइस घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:छातागढ़ और महमरा एनीकट जैसे स्थानों पर गहरे पानी में उतरने से बचेंनदी के बहाव और गहराई को हल्के में न लें,पिकनिक के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें
साथ ही इन पिकनिक स्पॉट्स पर गश्त बढ़ाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की तैयारी भी की जा रही है। एक दर्दनाक सबक
दोस्ती, मस्ती और खुशी के लिए निकले ये पांच दोस्त शायद कभी सोच भी नहीं सकते थे कि उनका यह दिन ज़िंदगी का सबसे काला दिन बन जाएगा।
21 साल का फैजल और 13 साल का ईशांत—दोनों पड़ोसी, दोनों दोस्त—अब हमेशा के लिए खामोश हो गए।
यह घटना एक कड़ा संदेश छोड़ जाती है—प्राकृतिक जल स्रोतों की सुंदरता के पीछे छिपे खतरे को कभी नजरअंदाज न करें।
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