Bilaspur news-"मास्टर प्लान के साथ होगा""दरगाह क्षेत्र का विकास- डॉ. सलीम राज(अध्यक्ष "वक़्फ़ बोर्ड) """दादी अम्मा साहिबा के 38वें सालाना उर्स का भव्य समापन"""हजारों जायरीनों ने मांगी"" अमन-चैन की दुआ,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,,
बिलासपुर /सीपत-जिला मुख्यालय बिलासपुर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खम्हरिया में दादी अम्मा साहिबा दरगाह का 38वां सालाना उर्स पाक तीन दिवसीय भव्य आयोजन के बाद मंगलवार को कुल की फातेहा के साथ संपन्न हो गया।
इस रूहानी जलसे में देशभर से हजारों की संख्या में जायरीन पहुंचे और अमन, भाईचारे व सलामती की दुआएं मांगीं।उर्स के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने दरगाह परिसर में सेंड निर्माण कार्य के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दरगाह कमेटी, ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन के साथ मिलकर मास्टर प्लान के तहत क्षेत्र का समग्र विकास किया जाएगा।अंतिम दिन सुबह 11 बजे तिलावत के साथ समापन कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
इसके बाद कुरानखानी, नात-मनकबत, दस्तारबंदी और अन्य धार्मिक रस्में अदा की गईं।खलीफा ए शेखुल इस्लाम सैय्यद मोहम्मद जाहिर आगा कादरी साहब ने समापन की घोषणा की और अमन-चैन के लिए दुआ कराई, जिसमें सभी धर्मों के जायरीनों ने शामिल होकर “आमीन” कहा।कुल की फातेहा के बाद जायरीनों को गुलाब जल से “कुल का छींटा” दिया गया। इसके लिए चार बड़े कम्प्रेशर मशीन लगाए गए थे। मान्यता के अनुसार इस छींटे से बीमारियां दूर होती हैं और बरकत मिलती है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग इसे पाने के लिए उत्साहित नजर आए।उर्स के दूसरे दिन बरेली (उत्तर प्रदेश) के मशहूर कव्वाल मोहम्मद ताहिर चिश्ती ने अपने सूफियाना कलाम से ऐसा समां बांधा कि जायरीन पूरी रात झूमते रहे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सलीम राज, मोहम्मद असलम खान, फैज़ान अहमद शिबू, सैय्यद अकबर बक्शी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उर्स मेले में सजी दुकानों, मीना बाजार और झूलों ने लोगों को खासा आकर्षित किया। जायरीनों ने दरगाह में हाजिरी के बाद खरीदारी और मनोरंजन का भरपूर आनंद लिया। बच्चों और महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया।उर्स के मौके पर वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने दरगाह में चादर चढ़ाकर प्रदेश में शांति और भाईचारे की दुआ मांगी।
रात्रिकालीन कव्वाली कार्यक्रम में इंतेजामिया कमेटी द्वारा अतिथियों को दस्तार और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया।दरगाह इंतेजामिया कमेटी ने उर्स को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सीपत पुलिस, ग्राम पंचायत, व्यापारी संघ, मुस्लिम समाज और सभी सहयोगियों का आभार जताया।आयोजन में खादिम अब्दुल वहाब खान, चेयरमैन मोहम्मद इमरान खान, सेक्रेटरी इशांक खान सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही। कुल मिलाकर, दादी अम्मा साहिबा का 38वां सालाना उर्स न केवल आस्था और श्रद्धा का केंद्र बना, बल्कि सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का भी संदेश देकर संपन्न हुआ।
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