Bilaspur raigad news-""महुआ बिने गए"दंपति में विवाद""क्षणिक गुस्से ने उजाड़ दी"ज़िंदगी,""पति के हाथों पत्नी की मौत,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
" महुआ बिने गए दंपति में विवाद""क्षणिक गुस्से ने उजाड़ दी ज़िंदगी, पति के हाथों पत्नी की मौत
बिलासपुर /रायगढ़- जिले के एक छोटे से गांव राजकोट अमलझरिया में एक साधारण दिन अचानक दर्दनाक त्रासदी में बदल गया। महुआ बीनने निकले एक दंपत्ति के बीच हुआ मामूली विवाद ऐसा बढ़ा कि उसने एक परिवार को हमेशा के लिए तोड़ दिया।
17 अप्रैल की सुबह, गणेश कोरवा अपनी पत्नी सुकांति कोरवा के साथ रोज़ की तरह जंगल की ओर महुआ बीनने गया था। गांव के लोगों के लिए यह एक सामान्य दिन था—लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि यह दिन एक खौफनाक घटना का गवाह बनेगा।जंगल में काम करते-करते किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। यह बहस धीरे-धीरे तीखी होती चली गई। देर शाम तक दोनों घर नहीं लौटे, जिससे परिवार के लोग चिंतित हो उठे।
अगली सुबह जब गणेश अकेले घर लौटा, तो उसके चेहरे पर घबराहट और थकान साफ झलक रही थी। उसने घरवालों को बताया कि सुकांति रास्ते में ही कहीं रुक गई थी। लेकिन उसकी बातों में विरोधाभास था, जिससे परिवार को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान गणेश की कहानी बार-बार बदलती रही। आखिरकार सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच कबूल कर लिया—एक ऐसा सच जिसने सबको झकझोर कर रख दिया।
गणेश ने बताया कि जब वह अपनी पत्नी को घर लौटने के लिए उठाने की कोशिश कर रहा था, तो वह नशे की हालत में उठ नहीं पा रही थी। इसी बात पर वह गुस्से से बेकाबू हो गया। पास में पड़ी बांस की लकड़ी उठाकर उसने पत्नी के सिर पर जोरदार वार कर दिया। वार इतना गंभीर था कि सुकांति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद गणेश ने सच्चाई छुपाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सघन जांच के आगे उसकी एक नहीं चली। रैरूमाखुर्द चौकी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया और घटना में प्रयुक्त लकड़ी भी बरामद कर ली।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि गुस्से का एक पल, ज़िंदगी भर का पछतावा बन सकता है। एक छोटी सी बहस ने एक महिला की जान ले ली, एक पति को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया और एक परिवार को बिखेर दिया।
“क्षणिक आवेश में लिया गया गलत फैसला जीवनभर का पछतावा बन जाता है। किसी भी विवाद की स्थिति में संयम और समझदारी ही सबसे बड़ा समाधान है।”
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यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक चेतावनी है—गुस्सा, नशा और असंयम मिलकर किसी भी रिश्ते को खत्म कर सकते हैं। समय रहते खुद पर काबू पाना ही सबसे बड़ी समझदारी है।
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