Bilaspur news-"डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी में बड़ा खुलासा: 54.40 लाख रुपये के लेनदेन वाले खाते के साथ पिता-पुत्र गिरफ्तार,,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी में बड़ा खुलासा: 54.40 लाख रुपये के लेनदेन वाले खाते के साथ पिता-पुत्र गिरफ्तार,,,,,
बिलासपुर-डिजिटल अरेस्ट जैसी गंभीर साइबर ठगी के एक बड़े मामले में रेंज साइबर थाना बिलासपुर पुलिस ने महाराष्ट्र के भंडारा जिले से पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ,,,कि आरोपियों के बैंक खाते में साइबर ठगी की 54 लाख 40 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी साइबर अपराधियों के लिए "म्यूल अकाउंट" उपलब्ध कराकर कमीशन के बदले ठगी की रकम को ट्रांसफर कराने का काम कर रहे थे।गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद नेमतउल्लाह मंसूरी (25 वर्ष) और उसके पिता अब्दुल कयूम अंसारी (47 वर्ष) शामिल हैं। दोनों महाराष्ट्र के भंडारा जिले के गांधी वार्ड, वरठी थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
वरिष्ठ नागरिक महिला को बनाया था शिकार,,,पुलिस के मुताबिक साइबर अपराधियों ने एक वरिष्ठ नागरिक महिला को व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क किया। खुद को केंद्रीय जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर आरोपियों ने महिला को यह कहकर भयभीत किया कि उनका नाम एक आतंकवादी संगठन से जुड़ा हुआ है,,, और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होने वाली है।इसके बाद महिला को लगातार मानसिक दबाव और भय में रखकर तथाकथित "डिजिटल अरेस्ट" किया गया। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर ठगों ने महिला से विभिन्न बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये जमा करा लिए।पीड़िता की शिकायत पर रेंज साइबर थाना बिलासपुर में धारा 318(4), 308(6), 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा आईटी एक्ट की धारा 66C एवं 66D के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
बैंक खाते की जांच से खुला राज,,,तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के दौरान पुलिस को पता चला कि एक आईसीआईसीआई बैंक खाते में साइबर ठगी की 54.40 लाख रुपये की रकम प्राप्त हुई है। इस महत्वपूर्ण सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई तेज की।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज राम गोपाल गर्ग, उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह तथा नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली गगन कुमार के मार्गदर्शन में निरीक्षक कामिल हक के नेतृत्व में विशेष साइबर टीम गठित कर महाराष्ट्र भेजी गई।2 प्रतिशत कमीशन के लालच में दिया,, बैंक खाता,,,साइबर पुलिस टीम ने भंडारा जिले के गांधी वार्ड स्थित निवास से आरोपी नेमतउल्लाह मंसूरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 2 प्रतिशत कमीशन पाने के लालच में अपना बैंक खाता अन्य साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया था।
जांच में यह भी सामने आया कि उक्त बैंक खाते का उपयोग डिजिटल अरेस्ट, शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड और अन्य ऑनलाइन साइबर ठगी के मामलों में किया जा रहा था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह नेपाल की राजधानी काठमांडू जाकर अपना बैंक खाता साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराता था।पिता भी निकला नेटवर्क का हिस्सा
पुलिस जांच में आरोपी का पिता अब्दुल कयूम अंसारी भी इस अवैध गतिविधि में संलिप्त पाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार वह कमीशन प्राप्त करने के उद्देश्य से मुख्य साइबर अपराधियों के लगातार संपर्क में था और मोबाइल फोन के माध्यम से उनसे समन्वय स्थापित करता था।साइबर नेटवर्क की तलाश जारी,,,रेंज साइबर थाना पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों तथा पूरे साइबर नेटवर्क की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। पुलिस डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराधों में प्रयुक्त म्यूल अकाउंट धारकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है।पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डराया-धमकाया जाए तो तत्काल इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम साइबर थाना में दें।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें