Bilaspur news-"NEET पेपर लीक पर NSUI का बड़ा हमला: “यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, युवाओं के सपनों की हत्या है""”3 जून को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास घेराव का ऐलान, NTA भंग करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग,,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
NEET पेपर लीक पर NSUI का बड़ा हमला: “यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, युवाओं के सपनों की हत्या है”
3 जून को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास घेराव का ऐलान, NTA भंग करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
बिलासपुर-“आज देश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। जो छात्र दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, उनका भविष्य पेपर माफियाओं और सरकार की लापरवाही की भेंट चढ़ रहा है।” इसी तीखे बयान के साथ प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय और जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार और युवाओं के भविष्य पर मंडरा रहे संकट को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए।बिलासपुर प्रेस क़्लब बिलासपुर मे आयोजित प्रेस वार्ता में एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली लगातार अविश्वसनीय होती जा रही है। लाखों छात्र कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को बर्बाद कर रही हैं।
10 वर्षों में बार-बार पेपर लीक, सरकार पूरी तरह विफल
एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में देशभर में लगभग 89 बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में असफल रही है। हर घटना के बाद जांच और कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन पेपर माफिया पहले से ज्यादा मजबूत होते जा रहे हैं।
NTA की भूमिका पर गंभीर सवाल
एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में पेपर लीक होना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) अब पारदर्शिता और विश्वसनीयता खो चुकी है तथा अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का केंद्र बनती जा रही है।
उन्होंने मांग की कि NTA को तत्काल भंग कर एक नई, स्वतंत्र और पारदर्शी परीक्षा एजेंसी का गठन किया जाए ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा बहाल हो सके।
22 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि NEET परीक्षा से देशभर के लगभग 22 लाख छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है। इनमें बड़ी संख्या गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों की है, जिनके माता-पिता अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए वर्षों तक मेहनत करते हैं और कई बार कर्ज तक लेते हैं।
एनएसयूआई ने कहा कि एक पेपर लीक केवल परीक्षा को प्रभावित नहीं करता, बल्कि लाखों परिवारों की उम्मीदों और सपनों को भी तोड़ देता है।
परिवारों की आर्थिक और मानसिक पीड़ा
नेताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में परिवार लाखों रुपये खर्च करते हैं। कोचिंग, किताबें, आवास और अन्य खर्चों के लिए कई परिवार आर्थिक दबाव झेलते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा प्रणाली ही भ्रष्टाचार की शिकार हो जाए तो यह मेहनती छात्रों और उनके परिवारों के साथ बड़ा अन्याय है।
सरकार जवाब देने से बच रही
एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि देशभर में छात्र सड़कों पर हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस गंभीर मुद्दे पर मौन है। संगठन ने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को युवाओं के सवालों का जवाब देना चाहिए।
नेताओं ने कहा कि सरकार जिम्मेदारी तय करने और दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश करती दिखाई दे रही है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
एनएसयूआई ने कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाओं के बाद नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। यदि परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती तो जवाबदेही तय होना आवश्यक है।JPC जांच और पेपर लीक नेटवर्क की पड़ताल की मांग,,,संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित करने की मांग की। साथ ही पेपर लीक नेटवर्क, उससे जुड़े लोगों और उन्हें मिलने वाले कथित राजनीतिक संरक्षण की भी व्यापक जांच कराने की मांग उठाई गई।
युवाओं के साथ खड़ी है NSUI
एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि संगठन हमेशा छात्रों की आवाज बनकर खड़ा रहा है। संगठन केवल आंदोलन नहीं कर रहा बल्कि जरूरतमंद और प्रभावित छात्र परिवारों की मदद के लिए भी लगातार कार्य कर रहा है। कई स्थानों पर NSUI कार्यकर्ताओं ने आर्थिक सहायता जुटाकर जरूरतमंद परिवारों का सहयोग भी किया है।
सरकार से पूछे गए तीखे सवाल
प्रेस वार्ता में एनएसयूआई ने केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे—
आखिर हर बड़ी परीक्षा में पेपर लीक क्यों हो रहा है?
पेपर माफियाओं को संरक्षण कौन दे रहा है?
क्या अब मेहनत से ज्यादा पैसा और पहुंच मायने रखती है?
सरकार युवाओं का भरोसा कब वापस दिलाएगी?
NSUI की प्रमुख मांगें
NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
NTA को भंग कर नई पारदर्शी परीक्षा एजेंसी बनाई जाए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें।
मामले की JPC से जांच कराई जाए।
पेपर लीक माफियाओं पर कठोर कार्रवाई हो।
राष्ट्रीय परीक्षा सुरक्षा कानून बनाया जाए।
छात्रों को न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
3 जून को आंदोलन, तोखन साहू निवास घेराव
एनएसयूआई छत्तीसगढ़ ने घोषणा की है कि 03 जून 2026 को बिलासपुर के नेहरू चौक में एकत्र होकर केंद्रीय राज्य मंत्री Tokhan Sahu के निवास का घेराव किया जाएगा। संगठन ने कहा कि यदि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
प्रेस वार्ता के अंत में नेताओं ने कहा—
“यह केवल पेपर लीक नहीं, युवाओं के सपनों की हत्या है।”
“देश का युवा अब जवाब मांग रहा है।”
“मेहनती छात्र रो रहे हैं और पेपर माफिया मौज कर रहे हैं।”
“जब सिस्टम कमजोर होता है, तब माफिया मजबूत होते हैं।”
“सरकार परीक्षा नहीं संभाल पा रही, सिर्फ प्रचार कर रही है।”
“युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ अब बर्दाश्त न
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