Bilaspur news-"“बिजली गुल, जिम्मेदार भी गायब!” — तोरवा बिजली विभाग की अघोषित कटौती से जनता त्रस्त, फोन तक नहीं उठा रहे"""अधिकारी"""ज़नता का आधी रात फूटा ज़नाक्रोश,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
तिफरा बिज़ली दफ़्तर क़े बाद अब तोरवा बिज़ली दफ्तर मे आधी रात पहुंची ज़नता,,,,,
“बिजली गुल, जिम्मेदार भी गायब!” — तोरवा बिजली विभाग की अघोषित कटौती से जनता त्रस्त, फोन तक नहीं उठा रहे अधिकारी ज़नता का आधी रात फूटा ज़नाक्रोश,,,,
बिलासपुर- तोरवा बिजली विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विभाग के अंतर्गत आने वाले देवरीखुर्द, देवरिडीह, तोरवा, तोरवा धानमंडी, कासिम पारा, लालखदान समेत कई क्षेत्रों के रहवासी इन दिनों लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं।
हालात यह हैं कि भीषण गर्मी के बीच दिन और रात में बार-बार बिजली गुल होने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली कटौती की कोई पूर्व सूचना नहीं दी जाती। कई बार घंटों तक बिजली बंद रहने के बावजूद विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती। इससे घरों में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रात के समय लगातार बिजली गुल रहने से लोगों की नींद हराम हो गई है और कई परिवार रतजगा करने को मजबूर हैं।रहवासियों का कहना है कि समस्या की जानकारी लेने के लिए जब बिजली विभाग के कार्यालय में फोन लगाया जाता है तो अधिकांश समय फोन रिसीव नहीं किया जाता। वहीं, विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश भी बेअसर साबित हो रही है। लोगों का आरोप है कि जेई और एई को कई बार कॉल करने के बावजूद वे फोन नहीं उठाते, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
क्षेत्रवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत लेकर विभागीय कार्यालय पहुंचने पर कई बार कर्मचारी मौजूद नहीं मिलते। ऐसे में उपभोक्ताओं के सामने अपनी समस्या रखने और उसका समाधान कराने का कोई प्रभावी माध्यम नहीं बचता। विभाग की इस उदासीनता को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि तकनीकी कारणों से बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, लेकिन बिना सूचना बार-बार बिजली बंद करना और शिकायतों पर ध्यान नहीं देना उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है।
क्षेत्र की जनता ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर अघोषित कटौती पर रोक लगाने, शिकायतों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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