Bilaspur news-""मौत का पेड़ या प्रशासन की लापरवाही? गांधी चौक–दयालबंद मार्ग पर मंडरा रहा""बड़ा खतरा, रहवासियों ने दी""आंदोलन की चेतावनी,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
"मौत का पेड़ या प्रशासन की लापरवाही? गांधी चौक–दयालबंद मार्ग पर मंडरा रहा बड़ा खतरा, रहवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी"
बिलासपुर- शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल गांधी चौक से दयालबंद जाने वाली सड़क पर स्थित एक जर्जर और खोखला पेड़ स्थानीय रहवासियों तथा राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
पंजाबी कॉलोनी के मुख्य गेट के ठीक सामने खड़ा यह पेड़ किसी भी समय धराशायी होकर बड़े हादसे का कारण बन सकता है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल ही में जब इस मार्ग पर सड़क मरम्मत का कार्य चल रहा था, तब पेड़ की जड़ और तने की वास्तविक स्थिति स्पष्ट रूप से सामने आई थी। उस दौरान यह देखा गया कि पेड़ नीचे से पूरी तरह खोखला और कमजोर हो चुका है।
रहवासियों का दावा है कि इसकी स्थिति इतनी खराब है कि तेज हवा, बारिश या किसी अन्य प्राकृतिक कारण से यह कभी भी गिर सकता है।चिंता की बात यह है कि यह पेड़ ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहां दिन-रात भारी यातायात बना रहता है। आसपास कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान, कोचिंग सेंटर, बैंक, निजी कंपनियां और बड़े स्कूल संचालित हैं। इसके अलावा यह मार्ग शहर को बाहरी क्षेत्रों और अन्य जिलों से जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता भी है। ऐसे में हजारों लोगों का प्रतिदिन इस सड़क से आवागमन होता है।
रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पेड़ को हटाने या सुरक्षित करने की कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। लोगों ने अधिकारियों से अपील की है कि किसी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।क्षेत्रवासियों ने चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के साथ-साथ उच्च स्तरीय विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन और पत्राचार भेजकर मामले को उठाएंगे।अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी संभावित हादसे से पहले जागेगा, या फिर किसी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी? फिलहाल यह जर्जर पेड़ हर गुजरते व्यक्ति को भय और अनिश्चितता का एहसास करा रहा है।
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