Bilaspur news-"24 घंटे में शूटआउट का पर्दाफाश,,SSP के नेतृत्व में 3 ASP व 6 गठित टीम की कड़ी मेहनत लाई रंग,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,
👉- जितनी तेजी चली गोलियों उससे भी तेजी से पुलिस ने की कार्रवाई
👉 =मस्तूरी शूटआउट मामला सुलझा — एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में बिलासपुर पुलिस की बड़ी सफलता
👉 - मास्टरमाइंड सहित 7 आरोपी गिरफ्तार,2 नाबालिग शामिल —
👉 =आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई में रची गई थी फायरिंग की साजिश
बिलासपुर/मस्तूरी -बिलासपुर पुलिस ने मस्तूरी में हुई गोलीकांड की गुत्थी सुलझाते हुए..बड़ी कामयाबी हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के नेतृत्व में ए.सी.सी.यू. (सायबर सेल) और थाना मस्तूरी की संयुक्त टीम ने दो नाबालिग समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो देशी पिस्टल, एक कट्टा, पाँच मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, 13 खाली खोखे, 10 बुलेट और पाँच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि आपसी रंजिश और राजनैतिक वर्चस्व की लड़ाई के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। घटना की जांच में 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए, जिनसे पुलिस को आरोपियों तक पहुँचने में सफलता मिली।
गिरफ्तार आरोपी —
1️⃣ विश्वजीत अनंत, पिता स्व. बलराम अनंत, उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम मोहतरा थाना मस्तूरी
2️⃣ अरमान उर्फ बलमजीत अनंत, पिता स्व. बलराम अनंत, उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम मोहतरा थाना मस्तूरी
3️⃣ चाहत उर्फ विक्रमजीत, पिता स्व. बलराम अनंत, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम मोहतरा थाना मस्तूरी
4️⃣ मोहम्मद मुस्तिकीम उर्फ नफीस, पिता मोहम्मद मुख्तार, उम्र 29 वर्ष, निवासी भारतीय नगर वार्ड नंबर 24, थाना सिविल लाइन बिलासपुर
5️⃣ मोहम्मद मतीन उर्फ मॉन्टू, पिता मोहम्मद मुख्तार, उम्र 22 वर्ष, निवासी अटल आवास, कोनी थाना कोनी
6️⃣ एवं दो विधि से संघर्षरत किशोर।
बिलासा गुड्डी में खुलासा करते हुए,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि मस्तूरी के नितेश सिंह (प्रार्थी) और मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत के परिवार के बीच जमीन खरीद-बिक्री, अतिक्रमण और राजनैतिक वर्चस्व को लेकर पुराना विवाद चला आ रहा था। दोनों पक्षों ने पहले भी एक-दूसरे के खिलाफ मस्तूरी और सिविल लाइन थाना में अपराध दर्ज कराए थे।
आरोपी विश्वजीत अनंत ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर नितेश सिंह की हत्या की साजिश रची। उसने पहले 25 अक्टूबर को घटना को अंजाम देने की कोशिश की थी, लेकिन योजना असफल रही। इसके बाद 28 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे आरोपी दो मोटरसाइकिलों में सवार होकर मस्तूरी जनपद पंचायत कार्यालय के सामने पहुँचे और नितेश सिंह व उसके साथियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
फायरिंग में राजू सिंह और चंद्रभान सिंह घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि जमीन दलाल तारकेश्वर पाटले ने मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत को 1 लाख रुपये नगद दिए थे, जिसे उसने आरोपियों में बाँटा। पुलिस इस लेनदेन की पुष्टि कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई —
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि यह वारदात पूरी तरह पूर्व नियोजित षड्यंत्र थी। सभी आरोपियों की भूमिका की गहन विवेचना की जा रही है और कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, किसी भी आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
📸 पुलिस की टीम: ए.सी.सी.यू. बिलासपुर, थाना मस्तूरी स्टाफ और सायबर टीम की संयुक्त मेहनत से यह सफलता मिली है।
– बिलासपुर ब्यूरो रिपोर्ट
(मस्तूरी शूटआउट केस में पुलिस की तेज़ कार्रवाई से शहर में राहत की सांस ली)
24 घंटे में शूटआउट का पर्दाफाश,,SSP के नेतृत्व में 3 ASP व 6 गठित टीम की कड़ी मेहनत लाई रंग,,,
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें