Bilaspur news-"शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की साइबर ठगी, 8 करोड़ के नेटवर्क का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की साइबर ठगी, 8 करोड़ के नेटवर्क का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर-रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बैंक खातों से देशभर में हुए करोड़ों रुपये के साइबर अपराधों के तार जुड़े मिले हैं। पुलिस के अनुसार अब तक करीब 8 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है।
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसे शेयर ट्रेडिंग में अधिक लाभ का लालच देकर ऑनलाइन निवेश कराया गया और विभिन्न खातों में रकम जमा करवाई गई। बाद में महिला को पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। साइबर ठगों ने उससे 17 लाख 21 हजार रुपये की ठगी कर ली थी।
शिकायत मिलने के बाद रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का विश्लेषण किया। इसके बाद ऐसे कई बैंक खातों का पता चला जिनका उपयोग देशभर में साइबर ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।
जांच में सामने आए बड़े खुलासे
पुलिस जांच में मुख्य आरोपी के बैंक खातों के खिलाफ 13 साइबर शिकायतें दर्ज होना पाया गया। वहीं आरोपी संदीप कुमार चंद्रा उर्फ विक्की के बैंक खाते के खिलाफ देश के पांच अलग-अलग राज्यों में साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज मिलीं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों के खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है, जिनका संबंध विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बैंक खाते में 99 लाख रुपये तथा दूसरे खाते में 1 लाख रुपये की राशि होल्ड करवाई है, जिससे आगे की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित रह सकें।
ऐसे करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार गिरोह सोशल मीडिया, मैसेजिंग एप और अन्य ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों से संपर्क करता था। उन्हें शेयर ट्रेडिंग, ऑनलाइन निवेश और कम समय में दोगुना-तिगुना मुनाफा कमाने का झांसा दिया जाता था। विश्वास जीतने के बाद निवेशकों से अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई जाती थी। रकम मिलने के बाद आरोपी धनराशि को कई खातों में ट्रांसफर कर उसके स्रोत को छिपाने का प्रयास करते थे।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और अन्य तकनीकी माध्यमों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
मुकेश कुमार दास (मूल निवासी बिहार, वर्तमान रायपुर)
केशव साव (रायगढ़)
संदीप कुमार चंद्रा उर्फ विक्की (सक्ती)
शिशिर राठौर (सक्ती/रायपुर)
सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई आईजीपी रामगोपाल गर्ग, एसएसपी रजनेश सिंह तथा साइबर मामलों के नोडल अधिकारी गगन कुमार के मार्गदर्शन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम द्वारा की गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य खातों एवं आरोपियों की पहचान की जा रही है।
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