Bilaspur news-"वार्ड नंबर 60 और 62 के गंदे पानी ने स्मार्ट सिटी के सपने पर फेरा पानी"""होगा निगम का जल्द ही बड़ा घेराव,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
वार्ड नंबर 60 और 65 के गंदे पानी ने स्मार्ट सिटी के सपने पर फेरा पानी"""होगा निगम का जल्द ही बड़ा घेराव,,,
बिलासपुर- स्मार्ट सिटी और अमृत मिशन योजना के जरिए शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल और बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र स्थित वार्ड क्रमांक 62 कपिल नगर के रहवासी आज भी शुद्ध पेयजल के लिए जूझ रहे हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अमृत मिशन योजना धरातल पर पूरी तरह विफल साबित हो रही है और लोगों को बदबूदार एवं दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इन्हीं समस्याओं को लेकर बुधवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में सामाजिक कार्यकर्ता विकास सिंह, हिमांशु राय तथा मोहल्ले के अन्य रहवासियों ने नगर निगम प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सरकार के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहर की जनता को स्मार्ट सिटी का सपना दिखाया गया था, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि लोगों को स्वच्छ पेयजल की एक-एक बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है।
पत्रकार वार्ता के दौरान वक्ताओं ने बताया कि सरकंडा क्षेत्र सहित नगर निगम के कई वार्डों में लंबे समय से पाइपलाइन के माध्यम से गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई किया जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि इस पानी का उपयोग पीने के अलावा घरेलू कार्यों में भी करना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि पानी से लगातार दुर्गंध आती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ गए हैं।क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि गर्मी और बरसात के मौसम में दूषित पेयजल के कारण कई लोग पीलिया, डायरिया और अन्य जलजनित बीमारियों का शिकार हो चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और नगर निगम प्रशासन समस्या के स्थायी समाधान के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।मोहल्लेवासियों का कहना है कि पूर्व पार्षद और वर्तमान पार्षद प्रतिनिधि राजेश शुक्ला द्वारा भी कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से नगर निगम आयुक्त, महापौर और संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र की पेयजल समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उनका आरोप है कि शिकायतों और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के बावजूद अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
बिलासपुर प्रेस क्लब. बिलासपुर मे पत्रकार वार्ता में यह भी कहा गया कि चुनाव के दौरान जनता से विकास और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र की समस्याओं की सुध लेने तक कोई नहीं पहुंचा। क्षेत्रवासियों ने विधायक पर भी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की परेशानियों को देखने और सुनने तक का समय जनप्रतिनिधियों के पास नहीं है।
वक्ताओं ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में पेयजल संकट को लेकर कई बार विभिन्न वार्डों के पार्षदों द्वारा प्रदर्शन किए गए, यहां तक कि मटका लेकर नगर निगम का घेराव भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। उनका आरोप है कि नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण आम जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो रही है।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई और अमृत मिशन योजना की खामियों को दूर नहीं किया गया, तो वार्ड क्रमांक 62 कपिल नगर के लोग शहर के अन्य प्रभावित वार्डों के नागरिकों को साथ लेकर व्यापक जनआंदोलन और बड़ा प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि अब जनता केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगी, बल्कि अपनी बुनियादी जरूरतों और अधिकारों के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष करेगी।
"स्मार्ट सिटी के दावों के बीच यदि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा भी न मिले, तो विकास के सारे दावे खोखले साबित होते हैं।" यही संदेश कपिल नगर के रहवासियों की नाराजगी और आक्रोश से साफ तौर पर सामने आया।
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