Bilaspur news-"CG"टैक्स बार एसोसिएशन चुनाव पर विवाद: ‘हाथ उठाकर मतदान’ को लेकर जीएसटी बार अध्यक्ष"शुक्ला ने उठाए""सवाल,,,,,?

शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
छत्तीसगढ़ टैक्स बार एसोसिएशन चुनाव पर विवाद: ‘हाथ उठाकर मतदान’ को लेकर जीएसटी बार अध्यक्ष"शुक्ला ने उठाए सवाल,,,,,

गुप्त मतदान की परंपरा तोड़ने का आरोप, चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर खड़े हुए सवाल,,,,,

बिलासपुर- छत्तीसगढ़ टैक्स बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर नया विवाद सामने आया है। जीएसटी बार एसोसिएशन बिलासपुर के अध्यक्ष सुरेश शुक्ला ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताया है। उनका आरोप है कि वर्षों से चली आ रही गुप्त मतदान (सीक्रेट बैलेट) की व्यवस्था को दरकिनार कर इस बार हाथ उठाकर मतदान कराने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
सुरेश शुक्ला ने कहा कि टैक्स बार एसोसिएशन केवल एक सामान्य संगठन नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) और टैक्स सलाहकारों का एक प्रतिष्ठित मंच है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थागत मर्यादाओं का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। ऐसे में गुप्त मतदान की जगह खुली मतदान प्रणाली लागू करना संगठन की स्थापित परंपराओं और लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है।
12 घंटे तक चली चर्चा, फिर भी नहीं बनी सहमति
शुक्ला के अनुसार चुनाव प्रक्रिया को लेकर सदस्यों के बीच लंबे समय तक चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक सदस्य और पदाधिकारी चुनाव प्रक्रिया पर विचार-विमर्श करते रहे, लेकिन इसके बावजूद चुनाव अधिकारियों ने सदस्यों की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए हाथ उठाकर मतदान कराने का निर्णय लागू कर दिया।
उनका कहना है कि गुप्त मतदान किसी भी चुनाव की निष्पक्षता का महत्वपूर्ण आधार होता है, क्योंकि इससे मतदाता बिना किसी दबाव या प्रभाव के स्वतंत्र रूप से अपना मत व्यक्त कर सकता है। जबकि खुले तौर पर हाथ उठाकर मतदान कराने से मतदाताओं पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष दबाव की आशंका बढ़ जाती है।
‘विशेष उम्मीदवार को लाभ पहुंचाने की कोशिश’ का आरोप
जीएसटी बार अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया किसी विशेष उम्मीदवार को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका कहना है कि चुनाव अधिकारियों के निर्णयों से निष्पक्षता प्रभावित होती दिखाई दे रही है।उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और लोकतांत्रिक नहीं होगी तो भविष्य में संगठन की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है। 
इसलिए आवश्यक है कि चुनाव स्थापित नियमों और परंपराओं के अनुरूप कराए जाएं।संगठन में बढ़ सकती है असहमति,,,,
चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठे इस विवाद के बाद एसोसिएशन के भीतर असंतोष की स्थिति बन सकती है। कई सदस्य भी गुप्त मतदान प्रणाली को ही उचित मान रहे हैं, जबकि चुनाव अधिकारियों की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर बहस तेज
छत्तीसगढ़ टैक्स बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब केवल एक संगठनात्मक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर रहा है कि पेशेवर संस्थाओं में चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन किस स्तर तक सुनिश्चित किया जा रहा है। आने वाले दिनों में चुनाव अधिकारियों और एसोसिएशन प्रबंधन की प्रतिक्रिया के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

(नोट: चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोप जीएसटी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश शुक्ला के बयान पर आधारित हैं। चुनाव अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जायेगा।)

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