Bilaspur news-"समाज सेवा में पहले गाली, फिर ताली मिलती है: पद्मश्री फूलबासन यादव
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
समाज सेवा में पहले गाली, फिर ताली मिलती है: पद्मश्री फूलबासन यादव
बिलासपुर- समाज सेवा के क्षेत्र में चुनौतियां और आलोचनाएं हर कदम पर मिलती हैं, लेकिन यदि निष्ठा, मेहनत और लगन के साथ कार्य किया जाए तो अंततः समाज उसी कार्य का सम्मान करता है। यह प्रेरणादायी संदेश पद्मश्री सम्मानित प्रख्यात समाजसेविका फूलबासन यादव ने बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित एक परिचर्चा के दौरान दिया।
बिलासा कला मंच, बिलासपुर द्वारा आयोजित इस परिचर्चा में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित फूलबासन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि "कोई भी बड़ा कार्य बिना मेहनत, धैर्य और समर्पण के संभव नहीं होता। जब आप समाजहित में अच्छे कार्य करने निकलते हैं तो शुरुआत में आलोचना और विरोध का सामना करना पड़ता है। पहले लोग गाली देते हैं, लेकिन जब वही कार्य सफल हो जाता है और उसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं तो वही लोग ताली बजाकर सम्मान भी करते हैं। इसलिए आलोचनाओं से घबराने के बजाय अपने लक्ष्य पर लगातार काम करते रहना चाहिए।"उन्होंने समाज सेवा को एक सतत साधना बताते हुए कहा कि सच्चा समाजसेवी कभी प्रशंसा या पुरस्कार की अपेक्षा नहीं करता, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाने को अपना कर्तव्य मानता है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक सरोकारों से जुड़ने और सेवा, सहयोग तथा सकारात्मक सोच के साथ समाज निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया
कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन बिलासा कला मंच के संस्थापक डॉ. सोमनाथ यादव ने किया। उन्होंने संस्था की गतिविधियों एवं समाजहित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए अतिथियों का स्वागत किया। अंत में महेश श्रीवास ने उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर डॉ. सुधाकर बिबे, डॉ. जी.डी. पटेल, डॉ. सोमनाथ मुखर्जी, भुनेश्वर यादव, के.के. पाठक, सतीश यादव, अश्वनी पांडेय, राकेश यादव, अनिल यादव, एम.डी. मानिकपुरी, राजेंद्र मौर्य, दिनेश्वर राव जाधव, सुधीर दत्ता, अनूप श्रीवास, जी.आर. चौहान, सुजीत यादव, ओमशंकर लिबर्टी, सुनील यादव गोपाल यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
परिचर्चा में समाज सेवा के विभिन्न पहलुओं, सामाजिक उत्तरदायित्व, जनसहभागिता और सकारात्मक बदलाव में युवाओं की भूमिका पर भी सार्थक चर्चा की गई। कार्यक्रम का समापन समाज सेवा के प्रति समर्पण और जनकल्याण के संकल्प के साथ हुआ।
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