Bilaspur r/d news-"आकाशवाणी रायपुर में गूंजे""छत्तीसगढ़ी साहित्य के स्वर, धमतरी के युवा साहित्यकार गणेश्वर पटेल की रचनाओं की रिकॉर्डिंग संपन्न,,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,,
आकाशवाणी रायपुर में गूंजे""छत्तीसगढ़ी साहित्य के स्वर, धमतरी के युवा साहित्यकार गणेश्वर पटेल की रचनाओं की रिकॉर्डिंग संपन्न,,,,,
बिलासपुर /धमतरी-छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और लोकसंस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। धमतरी जिले के युवा छत्तीसगढ़ी साहित्यकार गणेश्वर पटेल की मौलिक रचनाओं की रिकॉर्डिंग आकाशवाणी रायपुर के लोकप्रिय कार्यक्रम "युवावाणी : माटी के आखर" के लिए सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस उपलब्धि से धमतरी सहित पूरे छत्तीसगढ़ के साहित्यिक जगत में हर्ष और गौरव का माहौल है।
जिला धमतरी के ग्राम पोटियाड़िह निवासी गणेश्वर पटेल लंबे समय से छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य की सेवा में सक्रिय हैं। वे कविता, कहानी, लेख, गीत और लोकसंस्कृति आधारित रचनाओं के माध्यम से समाज, संस्कृति, पर्यावरण और जनजागरूकता जैसे विषयों को अपनी लेखनी में प्रमुखता से स्थान देते रहे हैं। आकाशवाणी जैसे प्रतिष्ठित मंच पर उनकी रचनाओं का प्रसारण होना उनके साहित्यिक योगदान की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती कविता,,,,,
रिकॉर्डिंग के दौरान गणेश्वर पटेल ने पर्यावरण संरक्षण पर आधारित अपनी चर्चित कविता "तंय उझार झन रे, तंय झन उझार न" प्रस्तुत की। कविता में जंगल, पेड़-पौधों और प्रकृति के महत्व को रेखांकित करते हुए,,,
मानव समाज को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया है। रचना में यह संदेश दिया गया है कि पर्यावरण संकट केवल किसी एक क्षेत्र की नहीं बल्कि पूरी मानवता की चुनौती है और प्रकृति की रक्षा में ही भविष्य की सुरक्षा निहित है।
आदिवासी संस्कृति की झलक "मया के गोदना" में
आकाशवाणी में रिकॉर्ड की गई दूसरी प्रमुख रचना "मया के गोदना" रही, जिसमें छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक गोदना कला का भावपूर्ण चित्रण किया गया है। कविता में गोदना की सांस्कृतिक महत्ता, लोकजीवन से उसका संबंध और पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
सामाजिक जागरूकता का संदेश,,,,,
गणेश्वर पटेल की रचना "जगार गीत" भी रिकॉर्ड की गई, जिसमें आमजन को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया गया है। गीत में महात्मा गांधी और पंडित सुंदरलाल शर्मा जैसे महान व्यक्तित्वों के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा दी गई है।
श्रीराम भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति,,,,,
रिकॉर्डिंग के दौरान भगवान श्रीराम पर आधारित एक भक्ति गीत भी प्रस्तुत किया गया। इस भजन में छत्तीसगढ़ और भगवान राम के सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए प्रदेश की लोक परंपराओं, सामाजिक संस्कारों और धार्मिक आस्था का सुंदर चित्रण किया गया है।
साहित्यकार ने जताया आभार,,,,,
इस अवसर पर गणेश्वर पटेल ने कहा कि आकाशवाणी रायपुर में अपनी मौलिक रचनाओं की रिकॉर्डिंग करना उनके लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने आकाशवाणी रायपुर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मंच स्थानीय भाषा और साहित्य के रचनाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है।
साहित्य जगत में खुशी की लहर,,,,,
धमतरी सहित प्रदेशभर के साहित्य प्रेमियों और शुभचिंतकों ने गणेश्वर पटेल को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है। उनका मानना है कि स्थानीय रचनाकारों को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मंचों पर अवसर मिलने से छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार को नई दिशा और गति मिलेगी।
गणेश्वर पटेल की यह उपलब्धि न केवल धमतरी जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ी साहित्य जगत के लिए गर्व और सम्मान का विषय बन गई है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें