""" 8 news cg -""""ईद मिलादुन्नबी से पूर्व आगाज़ संस्था की अनूठी मानवीय पहल,,,,, """""11वें वर्ष में भी जारी रहा इंसानियत की ख़िदमत का सिलसिला,100 से अधिक रक्तदाताओं ने किया""" स्वैच्छिक रक्तदान,,,,,
ईद मिलादुन्नबी से पूर्व आगाज़ संस्था की अनूठी मानवीय पहल,,,,, """""11वें वर्ष में भी जारी रहा इंसानियत की ख़िदमत का सिलसिला,100 से अधिक रक्तदाताओं ने किया""" स्वैच्छिक रक्तदान,,,,,
बिलासपुर-पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद ﷺ की विलादत के मुबारक मौक़े पर मनाए जाने वाले ईद मिलादुन्नबी के अवसर से पूर्व आगाज़ एजुकेशन सोशल हेल्प ऑर्गनाइजेशन ने लगातार 11वें वर्ष अपनी इंसानी ख़िदमत और सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल पेश की। 26 सितंबर को मनाए जाने वाले ईद मिलादुन्नबी के मद्देनज़र 23 सितंबर को शहर के प्रतिष्ठित टोपाज़ होटल में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया,
जिसमें 100 से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर इंसानियत की ख़िदमत का पैग़ाम दिया।सुबह से ही रक्तदान शिविर में नौजवानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की आमद शुरू हो गई थी।
समाज के विभिन्न तबक़ात से जुड़े लोगों ने पूरे जज़्बे के साथ शिविर में शिरकत की। रक्तदाताओं ने अपना क़ीमती रक्तदान कर उन ज़रूरतमंद मरीजों के लिए उम्मीद की किरण जगाई, जिन्हें आपात स्थिति में रक्त की सख़्त ज़रूरत होती है।
आगाज़ संस्था के इस 11वें साल के रक्तदान शिविर में गंगा-जमुनी तहज़ीब, भाईचारे और कौमी यकजहती की ख़ूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। हिंदू, मुस्लिम और अन्य समुदायों के लोगों ने एक साथ रक्तदान कर यह पैग़ाम दिया कि इंसानियत की ख़िदमत किसी मज़हब, बिरादरी या तबक़े की मोहताज नहीं है।
शिविर में रक्तदान करने वाले लोगों का जज़्बा इस बात की गवाही दे रहा था,, कि मुश्किल वक़्त में किसी इंसान की ज़िंदगी बचाने से बढ़कर कोई नेक अमल नहीं हो सकता। एक इंसान का दिया हुआ रक्त किसी अनजान ज़रूरतमंद के लिए ज़िंदगी का सबब बन सकता है।
आगाज़ एजुकेशन सोशल हेल्प ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक ख़ालिद ख़ान और अध्यक्ष शाहरुख़ अली की क़ियादत में आयोजित इस रक्तदान शिविर को कामयाब बनाने में संस्था के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ज़िम्मेदारियां निभाईं।
शिविर में शकील भाई, रमीज़ अली, अयान ख़ान, अलीम अंसारी, मोहम्मद फ़ारूक़, सिमरन निराला, इंद्रा जी, लक्ष्मी थापा, खिलेश शर्मा और केशव बंसल समेत अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं की विशेष मौजूदगी रही।
“मिलाद का पैग़ाम मोहब्बत, अमन और इंसानियत है”
संस्था के संस्थापक ख़ालिद ख़ान एवं अध्यक्ष शाहरुख़ अली ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी हमें मोहब्बत, अमन, रहमदिली और इंसानियत का पैग़ाम देता है। इसी पैग़ाम को अमली शक्ल देने के लिए संस्था द्वारा पिछले 11 वर्षों से ईद मिलादुन्नबी के मौक़े पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच जूझ रहे मरीज के लिए रक्तदाता का मज़हब नहीं, बल्कि उसका रक्त मायने रखता है। इंसानियत की ख़िदमत ही सबसे बड़ी नेकी है और किसी ज़रूरतमंद की ज़िंदगी बचाने में अपना योगदान देना ईद मिलादुन्नबी के पैग़ाम को अमल में लाने का बेहतरीन तरीक़ा है।100 से अधिक रक्तदाताओं का जज़्बा बना मिसाल"""शिविर में 100 से अधिक यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। रक्तदान करने वाले सभी लोगों के जज़्बे की सराहना करते हुए""""आयोजन के समापन अवसर पर टोपाज़ होटल प्रबंधन एवं रक्तदाताओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित एवं शुक्रिया अदा किया गया।
शहर के गणमान्य नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आगाज़ एजुकेशन सोशल हेल्प ऑर्गनाइजेशन की इस लगातार 11 वर्षों से जारी मानवीय पहल की तारीफ़ करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारा, सद्भाव और इंसानियत को मज़बूत करते हैं।
ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौक़े से पहले आयोजित इस रक्तदान शिविर ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि इंसानियत की कोई सरहद नहीं होती और किसी की ज़िंदगी बचाने के लिए दिया गया"रक्त ही सबसे बड़ा इंसानी रिश्ता है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें