""""8 news cg-""""डबल मर्डर और दुष्कर्म कांड का खुलासा: 21 दिन बाद 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार, महिला की हत्या के बाद 10 माह की मासूम का भी गला घोंटकर की थी हत्या,,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,,
डबल मर्डर और दुष्कर्म कांड का खुलासा: 21 दिन बाद 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार, महिला की हत्या के बाद 10 माह की मासूम का भी गला घोंटकर की थी हत्या,,,
बिलासपुर /रायगढ़- जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरपानी में 35 वर्षीय महिला और उसकी 10 माह की मासूम पुत्री की हत्या के बहुचर्चित मामले का रायगढ़ पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने 21 दिन की गहन और वैज्ञानिक जांच के बाद 65 वर्षीय आरोपी भिखारीराम नागवंशी (निवासी ग्राम कोड़ासिया) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने महिला से जबरन दुष्कर्म का प्रयास किया, विरोध करने पर ईंट से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया और बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया। वहीं घटना के दौरान रो रही 10 माह की बच्ची की गला घोंटकर और ईंट से हमला कर हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को थाना लैलूंगा में सूचना मिली थी कि ग्राम छापरपानी के प्रहलाद बेहरा के खेत स्थित बोर मकान में रहने वाली 35 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली है, जबकि उसकी 10 माह की पुत्री मृत पड़ी है। महिला के सिर और चेहरे पर किसी भारी वस्तु से किए गए हमले के गंभीर निशान थे। उपचार के दौरान महिला ने भी दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सुनसान घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों का अभाव और महिला का किसी से विवाद नहीं होने के कारण पुलिस के सामने जांच बड़ी चुनौती थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने गांव में लगातार कैंप लगाकर ग्रामीणों से पूछताछ की और तकनीकी, वैज्ञानिक तथा मनोवैज्ञानिक तरीकों से जांच आगे बढ़ाई। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना और आरोपी के हाथ में चोट के निशान सहित अन्य अहम साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का संदेह भिखारीराम नागवंशी (65 वर्ष) पर गया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी लगातार इंकार करता रहा, लेकिन वैज्ञानिक एवं मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर वह टूट गया और उसने पूरा अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपी ने बताया कि 15 जुलाई की रात वह महिला के बोर मकान पहुंचा और उसके साथ जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसने वहां रखी ईंट से महिला के सिर और चेहरे पर कई वार किए, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। इसी दौरान 10 माह की बच्ची रोने लगी तो आरोपी ने उसका गला दबा दिया और ईंट से हमला कर उसकी भी हत्या कर दी। वारदात के बाद वह खेत के रास्ते भाग गया और घटना के समय पहनी हुई खून से सनी धोती छिपा दी।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना के समय पहनी गई खून के धब्बों वाली धोती भी बरामद कर ली है। मामले में हत्या के साथ-साथ दुष्कर्म से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 और 66 भी जोड़ते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि यह सफलता पुलिस टीम के धैर्य, वैज्ञानिक जांच, सतत निगरानी और टीमवर्क का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के खुलासे में एडिशनल एसपी अनिल सोनी, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, थाना प्रभारी गिरधारी साव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रीतम बघेल सहित थाना लैलूंगा की पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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