""""8 news cg -""""साइबर ठगी से बचाव के लिए बिलासपुर पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान,,,,,SECL मुख्यालय और द्वितीय वाहिनी सकरी में साइबर जागृति कार्यक्रम, IG गर्ग ने कहा—सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच,,,,,,,
साइबर ठगी से बचाव के लिए बिलासपुर पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान,,,,,
SECL मुख्यालय और द्वितीय वाहिनी सकरी में साइबर जागृति कार्यक्रम, IG गर्ग ने कहा—सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच,,,,,,,
बिलासपुर- साइबर अपराधों के लगातार बदलते स्वरूप और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए,,,बिलासपुर पुलिस द्वारा आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत सोमवार को SECL मुख्यालय बिलासपुर एवं द्वितीय वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, सकरी में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक. रामगोपाल गर्ग ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर अपराधों के नए तौर-तरीकों से अवगत कराते हुए..सतर्क रहने की अपील की।
यह अभियान बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक.. रामगोपाल गर्ग के निर्देशन तथा उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक. रजनेश सिंह के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पुलिस एवं सरकारी कर्मचारियों को जागरूक करना ही नहीं, बल्कि उनके माध्यम से परिवार, सहकर्मियों और समाज के अन्य लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाना भी है।
SECL मुख्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए,, IG रामगोपाल गर्ग ने साइबर अपराध की कार्यप्रणाली को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध में तीन महत्वपूर्ण चीजें भूमिका निभाती हैं—आपका मोबाइल, ठग का मोबाइल और आपका बैंक अकाउंट। इन माध्यमों के जरिए साइबर अपराधी लोगों को अपने जाल में फंसाकर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।
उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, KYC अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, APK फाइल, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के प्रति विशेष सावधानी बरतने की बात कही।
IG गर्ग ने बताया कि साइबर अपराधी केवल तकनीक का इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि व्यक्ति की मानसिक एवं भावनात्मक स्थिति को भी निशाना बनाते हैं। परिवार, बैंक खाते, आर्थिक स्थिति और निजी जानकारी से जुड़ी सूचनाओं का इस्तेमाल कर ठग विश्वास पैदा करते हैं और फिर जल्दबाजी या डर का फायदा उठाकर ठगी को अंजाम देते हैं।OTP, PIN, CVV और पासवर्ड किसी से साझा न करें
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए हथकंडों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, बैंक खाते की जानकारी अथवा पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए।उन्होंने अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध वेबसाइट खोलने और अज्ञात मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर ठग कई बार दोस्त, रिश्तेदार, बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर संपर्क करते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने या जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने के बजाय संबंधित व्यक्ति अथवा कार्यालय से स्वयं संपर्क कर वास्तविकता की पुष्टि करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। समय पर शिकायत किए जाने से ठगी की रकम को रोकने या आगे की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
रक्षाबंधन पर शुरू हुआ ‘रक्षा सूत्र’ साइबर जागृति संदेश
रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर कार्यक्रम में “रक्षा सूत्र—साइबर जागृति” अभियान का भी शुभारंभ किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों को राखी बांधकर साइबर सुरक्षा और डिजिटल सतर्कता का संदेश दिया गया। अभियान का उद्देश्य यह संदेश देना है कि जिस तरह रक्षाबंधन पर सुरक्षा का संकल्प लिया जाता है, उसी तरह डिजिटल दुनिया में भी स्वयं और अपने परिवार को साइबर ठगी से सुरक्षित रखने का संकल्प लिया जाए।
कार्यक्रम में बिलासपुर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित साइबर जागरूकता प्रश्नोत्तरी की जानकारी भी दी गई। इस प्रश्नोत्तरी में साइबर अपराधों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी और उससे जुड़े सवाल शामिल हैं। प्रश्नों के उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को उनके ई-मेल पर बिलासपुर पुलिस की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किया जा रहा है।
पुलिस ने अधिक से अधिक लोगों से इस जागरूकता गतिविधि में भाग लेने और साइबर जागृति अभियान को सफल बनाने की अपील की है। साथ ही बिलासपुर पुलिस के आधिकारिक फेसबुक एवं इंस्टाग्राम पेज को फॉलो और लाइक करने तथा QR कोड स्कैन कर अभियान से जुड़ने का आग्रह किया गया।
पुलिस ने नागरिकों से अपने परिवार के सदस्यों के साथ सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया स्टेटस पर साझा करने और साइबर जागृति अभियान का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की।
द्वितीय वाहिनी सकरी में भी अधिकारियों-कर्मचारियों को किया जागरूक,,,,द्वितीय वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, सकरी में आयोजित कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती मधुलिका सिंह ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी का सबसे बड़ा कारण कई बार लालच, जल्दबाजी और बिना जांचे-परखे किसी लिंक पर क्लिक करना होता है। इसलिए अनजान लिंक से बचें, किसी भी व्यक्ति के साथ OTP साझा न करें और साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में तत्काल 1930 पर संपर्क करें।
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज.. रामगोपाल गर्ग, उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक. रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्रीमती मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे, उप पुलिस अधीक्षक. तिलेश्वर प्रसाद यादव, उप पुलिस अधीक्षक (लाइन) श्रीमती मंजुलता केरकेट्टा सहित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।SECL की ओर से एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (तकनीकी एवं परिचालन), बिरंची दास, निदेशक (मानव संसाधन), रमेश चंद्र महापात्र, निदेशक (तकनीकी, परियोजना एवं योजना) सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी कार्यक्रम में शामिल हुए।कार्यक्रम के अंत में पुलिस ने आमजन से साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल जानकारी संबंधित एजेंसी को देने की अपील की,,,,
बिलासपुर पुलिस का संदेश—“जागरूक बनें, सुरक्षित रहें।”
सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
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