""""8 news cg -""""सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, बौद्ध महासभा ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग,,,,मगरपारा के डॉ. आंबेडकर नगर में वर्षों से जमीन के उपयोग का आरोप,,,,
सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप, बौद्ध महासभा ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग,,,,
मगरपारा के डॉ. आंबेडकर नगर में वर्षों से जमीन के उपयोग का आरोप, सामाजिक भवन और मूर्ति निर्माण की योजना का हवाला,,,,
बिलासपुर- डॉ. आंबेडकर नगर मगरपारा में सरकारी खुली जमीन के कथित कब्जे और उसके उपयोग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भारतीय बौद्ध महासभा समिति डॉ. आंबेडकर नगर मगरपारा ने सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने और संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। समिति की ओर से 20 अगस्त को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कलेक्टर के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।20-25 वर्षों से जमीन के उपयोग का आरोप,समिति ने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि क्षेत्र के चार परिवार पिछले करीब 20 से 25 वर्षों से सरकारी खुली जमीन का उपयोग कर रहे हैं। समिति का कहना है कि उक्त जमीन पर मोटरसाइकिल और बड़ी गाड़ियां खड़ी की जाती हैं, जिसके कारण मोहल्ले में आवागमन प्रभावित होता है। साथ ही सार्वजनिक उपयोग की जमीन के इस प्रकार इस्तेमाल से क्षेत्र का वातावरण भी प्रभावित होने का आरोप लगाया गया है।समिति ने प्रशासन से जमीन की वास्तविक स्थिति, स्वामित्व और लंबे समय से किए जा रहे उपयोग की जांच कराने की मांग की है।सामाजिक भवन और मूर्ति निर्माण की योजना,भारतीय बौद्ध महासभा समिति के अनुसार उक्त सरकारी जमीन का उपयोग क्षेत्र की सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। समिति ने बताया कि डॉ. आंबेडकर नगर मगरपारा की दुर्गा पूजा समिति, गणेश पूजा समिति सहित अन्य सामाजिक संगठनों की गतिविधियों के लिए प्रथम तल पर सामाजिक भवन निर्माण तथा मूर्ति निर्माण की योजना प्रस्तावित है।समिति का आरोप है कि कुछ परिवारों द्वारा जमीन का अघोषित रूप से उपयोग किए जाने के कारण प्रस्तावित सामाजिक गतिविधियों के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही है।भूमि पूजन और मूर्ति स्थापना को लेकर भी विवाद,ज्ञापन में समिति ने भूमि पूजन और मूर्ति स्थापना को लेकर दो परिवारों के बीच हुए विवाद का भी उल्लेख किया है। समिति का कहना है कि सरकारी जमीन के उपयोग को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो,,,,समिति ने प्रशासन से मांग की है कि जमीन की जांच कर उसे अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए और संबंधित परिवारों को वहां से हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही सामाजिक भवन एवं अन्य प्रस्तावित कार्यों के लिए नियमानुसार अनुमति और व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी,,भारतीय बौद्ध महासभा समिति ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन की ओर से मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो समिति सांकेतिक धरना-प्रदर्शन करेगी। अब मामले में प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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