"""8 NEWS CG -""""AI से बनाई युवतियों की तस्वीरें दिखाकर शादी के नाम पर ठगी,""फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़"" देशभर के लोगों को बनाते थे निशाना"”संचालक गिरफ्तार,,,,

शेख असलम की रिपोर्ट,,,,,
AI से बनाई युवतियों की तस्वीरें दिखाकर शादी के नाम पर ठगी,""फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़"" संचालक गिरफ्तार

फेसबुक-इंस्टाग्राम पर तीन नामों से चला रहे थे फर्जी नेटवर्क; देशभर के लोगों को बनाते थे निशाना, सुपेला पुलिस ने संचालक को किया गिरफ्तार

बिलासपुर/दुर्ग-शादी के इच्छुक लोगों को आकर्षक युवतियों की तस्वीरें दिखाकर विवाह कराने का झांसा देने वाले फर्जी मैरिज ब्यूरो का सुपेला पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर AI से तैयार काल्पनिक युवतियों की तस्वीरों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद मैरिज काउंसलर के माध्यम से बातचीत कर पसंद की लड़की से शादी कराने का भरोसा दिलाया जाता और शुरुआती तौर पर 2 हजार रुपये सहित अन्य रकम ऑनलाइन वसूल ली जाती थी। पैसे मिलते ही संबंधित लोगों के मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर उनसे संपर्क बंद कर दिया जाता था।पुलिस ने इस मामले में मैरिज ब्यूरो के संचालक परमानंद यादव (24), निवासी ग्राम ओटेबंद, थाना नंदनी, जिला दुर्ग, वर्तमान निवासी नेहरू नगर ईस्ट को गिरफ्तार किया है। आरोपी के ठिकाने से 22 कीपैड मोबाइल, 4 एंड्रॉयड मोबाइल, 16 सिम कार्ड, कंप्यूटर, वाई-फाई, विभिन्न बैंकों की चेकबुक, पासबुक और 1 लाख 64 हजार रुपये नकद सहित कुल 2 लाख 83 हजार 600 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।पुलिस के मुताबिक, 29 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुपेला थाना क्षेत्र में उत्तर गंगोत्री भवन के पास यूनियन बैंक स्थित एक परिसर के हॉल में एलिट मैच मैट्रिमोनी के नाम से फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित किया जा रहा है। यहां कॉल सेंटर के जरिए फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर लोगों से ऑनलाइन ठगी की जा रही है।सूचना पर सुपेला पुलिस ने गवाहों के साथ मौके पर दबिश दी। वहां संचालक परमानंद यादव के साथ चार युवतियां काम करती मिलीं। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम कार्ड, कंप्यूटर, इंटरनेट वाई-फाई, बैंक खातों की चेकबुक, भुगतान के लिए QR कोड, प्रचार संबंधी फ्लेक्स और ग्राहकों के मोबाइल नंबर व भुगतान का हिसाब दर्ज रजिस्टर बरामद हुए।पूछताछ में युवतियों ने बताया कि उन्हें अच्छी कंपनी में नौकरी देने का झांसा देकर बुलाया गया था। उन्हें 7 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने का आश्वासन देकर दो दिन का प्रशिक्षण दिया गया था। इसके बाद मैरिज काउंसलर के रूप में ग्राहकों से बातचीत करने और QR कोड के माध्यम से भुगतान लेने का काम सौंपा गया।मुख्य आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कल्याण मैट्रिमोनी, एलिट मैच मैट्रिमोनी और फ्यूचर पार्टनर के नाम से फर्जी मैरिज ब्यूरो का प्रचार करता था। इसके लिए AI से तैयार काल्पनिक युवतियों की तस्वीरों और फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था। दूसरे राज्यों के विवाह इच्छुक लोग संपर्क कर अपना बायोडाटा भेजते थे। इसके बाद उन्हें उनकी पसंद की लड़की से विवाह कराने का भरोसा देकर मैरिज काउंसलर के नाम से इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों के QR कोड पर शुरुआती 2 हजार रुपये और अन्य रकम जमा कराई जाती थी। भुगतान प्राप्त होते ही उनके नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिए जाते थे।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह फर्जी कॉल सेंटर करीब तीन महीने से संचालित था। यहां प्रतिदिन 20 से 50 कॉल किए और प्राप्त किए जाते थे। पुलिस ने विभिन्न बैंक खातों की जांच की तो भारत सरकार के समन्वय पोर्टल पर भी संबंधित खातों के विरुद्ध शिकायतें दर्ज मिलीं।मामले में थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1630/2026 के तहत धारा 317(2), 319(2) बीएनएस में अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है,,2.83 लाख रुपये की संपत्ति जब्त,,पुलिस ने कार्रवाई के दौरान विभिन्न बैंकों की चेकबुक और पासबुक, 1 लाख 64 हजार रुपये नकद, एयरटेल एवं वीआई के 16 सिम कार्ड, 22 कीपैड मोबाइल, 4 एंड्रॉयड मोबाइल, कंप्यूटर सेट और एयरटेल वाई-फाई सहित कुल 2 लाख 83 हजार 600 रुपये का सामान जब्त किया है।सुपेला पुलिस की टीम की रही अहम भूमिका,,,इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुपेला निरीक्षक एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक खेलन साहू, नमिता टेकाम, मिथलेश साहू और संतोष निर्मलकर का विशेष योगदान रहा।दुर्ग पुलिस की अपील,,,,पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले विवाह संबंधी विज्ञापनों और मैरिज ब्यूरो की विश्वसनीयता की जांच किए बिना किसी को भी पैसे न दें। AI से बनाई गई तस्वीरों और फर्जी प्रोफाइल के जरिए ठगी की जा सकती है। अनजान व्यक्तियों को आधार कार्ड, बैंक विवरण, ओटीपी या व्यक्तिगत दस्तावेज साझा न करें। नौकरी या कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, सिम कार्ड अथवा QR कोड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें।ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। आपकी जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।— दुर्ग पुलिस

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