"""""8 news cg -""""SSP""भोजराम पटेल के नेतृत्व में चला वृहद साइबर जागृति अभियान, ग्रामीणों को OTP, PIN, फर्जी लिंक और ऑनलाइन ठगी से बचाव की दी"जानकारी,,,,
मुंगेली की 367 ग्राम पंचायतों में एक साथ गूंजी साइबर जागरूकता की आवाज, 8489 लोगों ने ली शपथ,,,,
एसएसपी भोजराम पटेल के नेतृत्व में चला वृहद साइबर जागृति अभियान, ग्रामीणों को OTP, PIN, फर्जी लिंक और ऑनलाइन ठगी से बचाव की दी जानकारी
बिलासपुर /मुंगेली- साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच मुंगेली पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर साइबर जागृति अभियान चलाया। छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक. भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के नेतृत्व तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) गोकुल राम रावटे के समन्वय में गुरुवार को जिले के तीनों विकासखंडों की 367 ग्राम पंचायतों में एक साथ वृहद साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं ने हिस्सा लिया। जनपद पंचायत पथरिया की 96 ग्राम पंचायतों में 1838, मुंगेली विकासखंड की 124 ग्राम पंचायतों में 4057 तथा लोरमी विकासखंड की 127 ग्राम पंचायतों में 2595 लोगों ने सहभागिता की। इस प्रकार जिले की कुल 367 ग्राम पंचायतों में 8489 लोगों ने साइबर जागृति शपथ लेकर ऑनलाइन ठगी से बचने और दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प लिया।
‘जागरूक गांव, सुरक्षित समाज’ का दिया संदेश
कार्यक्रमों के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल एवं जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल राम रावटे के समन्वय में आमजन को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। ग्रामीणों को समझाया गया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसा देकर उनकी मेहनत की कमाई हड़पने का प्रयास करते हैं। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बरतकर ऑनलाइन ठगी से बचा जा सकता है।
ग्रामीणों को विशेष रूप से OTP, ATM एवं बैंकिंग PIN, UPI से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की समझाइश दी गई। इसके अलावा मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध मैसेज, फर्जी लॉटरी एवं इनाम के ऑफर तथा अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी गई।
अनजान APK और ऐप डाउनलोड करने से बचने की अपील
अभियान के दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को अनजान व्यक्तियों के कहने पर मोबाइल में कोई अज्ञात ऐप या APK फाइल डाउनलोड नहीं करने के प्रति भी जागरूक किया। बताया गया कि साइबर ठग कई बार मोबाइल में संदिग्ध ऐप इंस्टॉल करवाकर लोगों की निजी एवं वित्तीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।
इसी तरह अनजान वीडियो कॉल, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी से भी सावधान रहने की अपील की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि ऐसी किसी स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल अपने परिजनों और पुलिस को जानकारी दें।
बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भी करें जागरूक
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने परिवार के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भी साइबर ठगी के नए-नए तरीकों के बारे में जानकारी दें। मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग करते समय किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा नहीं करने तथा बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने की समझाइश दी गई।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दाहिना हाथ उठाकर ‘साइबर जागृति शपथ’ ली। उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं साइबर अपराध से सतर्क रहेंगे और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए जागरूक करेंगे।
ठगी होते ही 1930 पर करें तत्काल कॉल,,,,,
एसएसपी श्री भोजराम पटेल ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में तत्काल कार्रवाई के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ठगी की घटना होने के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसलिए किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन आर्थिक धोखाधड़ी होने पर बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए। साथ ही नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल में भी तत्काल सूचना देनी चाहिए, ताकि ठगी की रकम को होल्ड कराने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए समय रहते प्रयास किया जा सके।कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने “जागरूक गांव, सुरक्षित समाज” और “साइबर अपराध से आजादी” जैसे नारों के माध्यम से साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया। इसके बाद भारत माता के जयघोष के साथ कार्यक्रमों का समापन हुआ।मुंगेली जिले की सभी 367 ग्राम पंचायतों में एक साथ आयोजित यह व्यापक अभियान साइबर अपराध के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें