""""8 news cg -""""सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों की समस्याओं पर बिलासपुर में होगा मंथन""""ग्रेज्युटी, पेंशन रिवीजन और पेंशन गणना में सुधार समेत कई मांगों को लेकर एसईसीएल जोन का दूसरा मिलन समारोह,,,,,
सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों की समस्याओं पर बिलासपुर में होगा मंथन
ग्रेज्युटी, पेंशन रिवीजन और पेंशन गणना में सुधार समेत कई मांगों को लेकर एसईसीएल जोन का दूसरा मिलन समारोह
बिलासपुर-भारतीय कोयला उद्योग से सेवानिवृत्त होकर विभिन्न प्रकार की सीएमपीएफओ पेंशन प्राप्त कर रहे छह लाख से अधिक सेवानिवृत्त खनिकों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर संगठन की ओर से व्यापक पहल की जा रही है। इसी कड़ी में एसईसीएल जोन का दूसरा मिलन समारोह बिलासपुर के प्रियदर्शनी कला केंद्र, इंदिरा विहार में आयोजित किया जाएगा। समारोह में सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों की विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।
संगठन के पदाधिकारियों ने पत्रकार वार्ता में बताया कि वर्तमान में कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) तथा सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड को मिलाकर लगभग लाखों कामगार कार्यरत हैं, जबकि कोयला उद्योग से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या छह लाख से अधिक है। इसके बावजूद सेवानिवृत्त खनिकों की समस्याओं को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिलने का आरोप संगठन ने लगाया है।
ग्रेज्युटी और पेंशन से जुड़ी समस्याएं प्रमुख मुद्दा
संगठन के अनुसार सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों के समक्ष ग्रेज्युटी भुगतान, पेंशन रिवीजन और पेंशन निर्धारण में त्रुटिपूर्ण गणना जैसी कई गंभीर समस्याएं हैं। संगठन का आरोप है कि पेंशन की गणना में त्रुटियों के कारण कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रतिमाह लगभग 300 से 600 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।इसके अलावा सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभों में अधिकारी और कर्मचारी के बीच भारी अंतर को भी संगठन ने महत्वपूर्ण मुद्दा बताया है। इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए कोयला उद्योग के स्तर पर प्रभावी पहल किए जाने की मांग की जा रही है।
01 जनवरी 2017 से 20 लाख रुपये ग्रेज्युटी भुगतान की मांग,,,प्रस्तावित मिलन समारोह में 01 जनवरी 2017 से 20 लाख रुपये ग्रेज्युटी भुगतान, पेंशन की गणना में एसडीए को शामिल करने, पेंशन रिवीजन तथा CPRMS (NE) में सेवानिवृत्त कर्मियों के साथ हो रहे कथित विभेद जैसे विषयों पर प्रमुखता से चर्चा होगी।संगठन का कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कोयला उद्योग के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसलिए सेवानिवृत्ति के बाद उनके सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर चिकित्सा सुविधा सहित अन्य अधिकारों को सुनिश्चित करना आवश्यक है।
एसईसीएल की चिकित्सा व्यवस्था की सराहना
संगठन ने कहा कि एसईसीएल ने कोल इंडिया की अन्य कंपनियों की तुलना में अपने सेवानिवृत्त खनिकों के लिए अपेक्षाकृत बेहतर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई है। सेवानिवृत्ति पश्चात लाभ प्रकोष्ठ का गठन भी किया गया है। हालांकि संगठन के मुताबिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान और उनके हितों की रक्षा के लिए अभी भी काफी सुधार की आवश्यकता है, विशेषकर कोल इंडिया लिमिटेड के स्तर पर।ट्रस्टी बोर्ड में प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठेगा
सीएमपीएफओ तथा CPRMS (NE) के ट्रस्टी बोर्ड में छह लाख से अधिक सेवानिवृत्त श्रमिकों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं होने को भी संगठन ने महत्वपूर्ण विषय बताया है। संगठन का कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े निर्णय लेने वाली व्यवस्थाओं में उनके प्रतिनिधित्व से उनकी वास्तविक समस्याओं को प्रभावी ढंग से सामने रखा जा सकेगा।
तोखन साहू होंगे मुख्य अतिथि
एसईसीएल जोन के दूसरे मिलन समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं एसईसीएल के निदेशक, मानव संसाधन बिरंची दास समारोह में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राम अवतार अलगमकर, जोनल अध्यक्ष एवं केंद्रीय उपाध्यक्ष, करेंगे। संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह प्रमुख वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।
पत्रकार वार्ता में संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष एवं जोनल अध्यक्ष राम अवतार अलगमकर, मंत्री एवं प्रभारी एस.पी. कुंडू, कार्यसमिति सदस्य भक्तिमय चौधरी, एसईसीएल जोन के जोनल महामंत्री बुद्धि सागर साही, कोषाध्यक्ष योगेश केशर, बृजेश पासवान तथा वरिष्ठ कार्यकर्ता चंचल मित्रा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संगठन ने सेवानिवृत्त खनिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मिलन समारोह में शामिल होकर अपनी मांगों और अधिकारों के समर्थन में चट्टानी एकता का परिचय दें। संगठन का कहना है कि सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक प्रयास और प्रभावी प्रतिनिधित्व आवश्यक है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें