""""8 news cg -""""देहदान कर कौशल्या बाई साहू ने पेश की मानव सेवा की मिसाल,,,,,
देहदान कर कौशल्या बाई साहू ने पेश की मानव सेवा की मिसाल,,,,,
बिलासपुर- संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में मुनींद्र धर्मार्थ ट्रस्ट, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के बैनर तले मानव सेवा की दिशा में देहदान का सराहनीय कार्य किया गया।
ग्राम तेंदूदरहा, पोस्ट दुरुग, तहसील भटगांव, थाना सरसीवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ निवासी कौशल्या बाई साहू, पत्नी स्वर्गीय छोटेलाल साहू के निधन के पश्चात उनके परिवार ने उनकी पार्थिव देह चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के उद्देश्य से दान की।दिनांक 8 सितंबर 2026 को परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों एवं अनुयायियों की मौजूदगी में कौशल्या बाई साहू की पार्थिव देह छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS), बिलासपुर के शरीर संरचना विभाग की प्रमुख डॉ. शिक्षा जांगड़े के समक्ष सौंपी गई।संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों का मानना है कि मृत्यु उपरांत सभी प्रकार के क्रियाकर्म ,मृत्यु भोज,अनुष्ठान, पिंडदान यह सब क्रियाएं शास्त्र सम्मत नहीं होने के कारण नहीं किया जाता मानव शरीर को अपने जीते जी ही शास्त्रोक्त वर्णित भक्ति करनी चाहिए तब मृतआत्मा की गति ,मोक्ष एवं शांति प्राप्त होती है मरणोपरांत सभी क्रिया व्यर्थ होती है। अनुयायियों का कहना है कि उक्त बातें हिंदू धर्म के गरुड़ पुराण नमक शास्त्र में वर्णित है।इस अवसर पर उनके बड़े पुत्र कृष्ण कुमार साहू, छोटे पुत्र रामफल साहू, पोता-पोती, बहू सहित पूरा परिवार उपस्थित रहा। साथ ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के जिला सेवादार हीरा दास मानिकपुरी, राकेश कुर्रे एवं प्रमोद देवांगन सहित अन्य अनुयायी मौजूद रहे।देहदान को मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। दान की गई देह चिकित्सा विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना समझने तथा चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में उपयोगी सिद्ध हो सकती है। इस प्रकार देहदान का यह संकल्प समाज में सेवा, परोपकार और मानव कल्याण की भावना को प्रेरित करता है।
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