""""8 NEWS CG-"""18 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश""""इसी बीच बिलासपुर पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाया गया""49 दिवसीय साइबर जागृति महाअभियान,,,
18 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश
इसी बीच बिलासपुर पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाया गया""49 दिवसीय साइबर जागृति महाअभियान,,,
बिलासपुर -राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के साथ संपन्न हुआ।अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों, ग्रामीणों, शासकीय कर्मचारियों सहित समाज के सभी वर्गों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा। पुलिस के अनुसार विभिन्न कार्यक्रमों और नवाचारों के माध्यम से 18 लाख से अधिक नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।सात सप्ताह में अलग-अलग वर्गों को किया गया जागरूक,,,अभियान को सात सप्ताह में विभाजित कर अलग-अलग वर्गों पर विशेष फोकस किया गया। पहले सप्ताह विद्यार्थियों एवं युवाओं, दूसरे सप्ताह बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थाओं, तीसरे सप्ताह वरिष्ठ नागरिकों, चौथे सप्ताह महिलाओं एवं छात्राओं, पांचवें सप्ताह असंगठित क्षेत्र के युवाओं एवं श्रमिकों, छठे सप्ताह शासकीय संस्थाओं तथा सातवें सप्ताह ग्रामीण एवं अर्धसैनिक क्षेत्र के नागरिकों को जागरूक किया गया।
इस दौरान साइबर संवाद, साइबर जुम्बा, साइबर जागृति रक्षा सूत्र, नुक्कड़ नाटक, साइबर प्रश्नोत्तरी, साइबर जागृति नाटक एवं नृत्य, साइबर सुरक्षा खेल उत्सव, खेल गतिविधियां, रेडियो प्रसारण, साइबर जागृति गीत, साइबर उड़ान, साइबर फ्रॉड मटका फोड़ और साइबर ग्राम चौपाल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए।गणेश पंडालों में भी पुलिस टीमों ने पहुंचकर श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से बचाव की जानकारी दी। इसके अलावा साइबर सुरक्षित सुप्रभात जैसे अभियानों के माध्यम से भी नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया।डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचाव पर विशेष जोर,,,,,
अभियान के दौरान डिजिटल अरेस्ट, UPI फ्रॉड, QR कोड फ्रॉड, फिशिंग, विशिंग, स्मिशिंग, OTP फ्रॉड, KYC फ्रॉड, बैंकिंग एवं कार्ड फ्रॉड, SIM स्वैप, पहचान की चोरी, सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी प्रोफाइल, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न, सेक्सटॉर्शन, मॉर्फ्ड फोटो-वीडियो और डीपफेक जैसे साइबर अपराधों के प्रति नागरिकों को जागरूक किया गया।पुलिस ने विशेष रूप से समझाया कि कोई भी पुलिस अधिकारी अथवा जांच एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं करती और न ही किसी खाते में पैसे जमा कराने के लिए कहती है।
अभियान के दौरान DPS के 9 वर्षीय छात्र स्वास्तिक झा द्वारा साइबर अपराधों और उनसे बचाव के संबंध में साझा की गई जानकारी ने पुलिस अधिकारियों को प्रभावित किया। उसकी जागरूकता के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह द्वारा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समापन समारोह में अभियान के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों तथा सहयोगी संस्थाओं और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां भी हुईं।कार्यक्रम में डीआईजी/एसएसपी श्री रजनेश सिंह, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह, सीएसपी सिविल लाइन श्री परमेश्वर तिलकवार, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि, प्रतिभागी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
बिलासपुर पुलिस की नागरिकों से अपील,,,,,
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, OTP, UPI PIN, ATM PIN और पासवर्ड किसी से साझा न करें। अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें और वीडियो कॉल पर पुलिस, CBI, ED या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर धमकाने वालों से सावधान रहें।किसी साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर सूचना देने तथा नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल से संपर्क करने की अपील की गई है।बिलासपुर पुलिस ने कहा है कि अपराध, नशे के अवैध कारोबार और साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई तथा जनजागरूकता का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
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