""""8 NEWS CG -""""ऑपरेशन बाज का बड़ा एक्शन: बिलासपुर में धोखाधड़ी और साइबर ठगी के आरोपियों पर शिकंजा, 22 साल से फरार वारंटी समेत 5 गिरफ्तार,,,,

शेख असलम की रिपोर्ट,,

ऑपरेशन बाज का बड़ा एक्शन: बिलासपुर में धोखाधड़ी और साइबर ठगी के आरोपियों पर शिकंजा, 22 साल से फरार वारंटी समेत 5 गिरफ्तार

बंधक दुकान को 21.11 लाख रुपये में बेचने का आरोप, साइबर ठगी में इस्तेमाल म्यूल खातों का खुलासा; बिल्हा में एक सप्ताह में चार स्थायी वारंट तामिल

बिलासपुर- जिले में फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन बाज के तहत पुलिस ने धोखाधड़ी, साइबर ठगी और पुराने आपराधिक मामलों में कार्रवाई तेज कर दी है। बिल्हा और तारबाहर पुलिस की अलग-अलग कार्रवाइयों में बैंक में बंधक दुकान को कथित तौर पर बेचने, साइबर ठगी में इस्तेमाल संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े लेन-देन और लंबे समय से फरार स्थायी वारंटियों के मामलों में गिरफ्तारियां की गई हैं। इन कार्रवाइयों में 22 साल से फरार एक स्थायी वारंटी भी पुलिस के हत्थे चढ़ा। पुलिस ने सभी संबंधित आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है।

बैंक में बंधक दुकान 21.11 लाख रुपये में बेचने का आरोप

तारबाहर पुलिस ने बैंक में बंधक व्यावसायिक दुकान को कथित तौर पर बेचने के मामले में विद्यानगर निवासी फनीन्द्र मिश्रा उर्फ फणीन्द्र (55) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वृंदावन कॉम्प्लेक्स के प्रथम तल पर स्थित दुकान क्रमांक ए-308 को 16 अक्टूबर 2020 को बैंक ऑफ इंडिया की व्यापार विहार शाखा में बंधक रखकर ऋण लिया था। समझौते के तहत बैंक की अनुमति के बिना संपत्ति बेचने पर प्रतिबंध था।

आरोप है कि इसके बावजूद 11 जुलाई 2022 को दुकान का सौदा बबीता बजाज के साथ 21 लाख 11 हजार रुपये में कर दिया गया। शिकायत में गलत शपथ-पत्र के आधार पर रजिस्ट्री और नामांतरण कराने तथा बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। बैंक अधिकारी सूरज कुमार की रिपोर्ट पर तारबाहर थाने में अपराध क्रमांक 362/2026, धारा 420 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

साइबर ठगी में इस्तेमाल संदिग्ध म्यूल खातों की जांच, एक गिरफ्तार

तारबाहर पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी में इस्तेमाल होने की आशंका वाले बैंक खातों की जांच के बाद हेमूनगर निवासी 33 वर्षीय विश्वजीत को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एक्सिस बैंक के दो खातों के संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायतें प्राप्त हुई थीं।

खातों के बैंक स्टेटमेंट की जांच में कथित धोखाधड़ी की रकम जमा होने तथा यूपीआई और एटीएम के माध्यम से निकासी किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके आधार पर तारबाहर थाने में अपराध क्रमांक 364/2026 और 360/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में संदिग्ध खातों से जुड़े लेन-देन और साइबर ठगी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

22 साल से फरार स्थायी वारंटी गिरफ्तार

ऑपरेशन बाज के तहत तारबाहर पुलिस ने धोखाधड़ी के पुराने मामले में लंबे समय से फरार स्थायी वारंटी हाबिल जान, निवासी बंधवापारा, शंकर नगर, तोरवा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 200/1998 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज था। इस प्रकरण में वर्ष 2004 में न्यायालय से स्थायी वारंट जारी किया गया था।लंबे समय से फरार आरोपी की तलाश के दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। करीब 22 वर्षों से लंबित वारंट की तामिली को तारबाहर पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।

बिल्हा पुलिस की भी कार्रवाई, एक सप्ताह में चार स्थायी वारंट तामिल

ऑपरेशन बाज के तहत बिल्हा पुलिस ने भी फरार स्थायी वारंटियों की धरपकड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मनमोहन कोसले, पिता कुजराम कोसले, निवासी संबलपुरी तथा भाउराम जांगड़े, पिता दयाराम जांगड़े, निवासी बिटकुली, थाना बिल्हा को गिरफ्तार कर 15 अक्टूबर 2026 को न्यायालय में पेश किया।

पुलिस के अनुसार, उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में स्थायी वारंटों की तामिली के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा राजेश जोशी के मार्गदर्शन में बिल्हा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर कुल चार स्थायी वारंटों की तामिली की है।इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप निरीक्षक आकाश कुमार बंजारे, निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, आरक्षक प्रताप साहू और आरक्षक नरसिंह राज की अहम भूमिका रही।फरार आरोपियों पर लगातार कार्रवाई,,,पुलिस की इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि ऑपरेशन बाज के तहत पुराने स्थायी वारंटों की तामिली के साथ-साथ धोखाधड़ी और साइबर अपराध से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश, स्थायी वारंटों की तामिली और संदिग्ध बैंक खातों के जरिए हुए लेन-देन की जांच आगे भी जारी रहेगी।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Bilaspur news-" खड़ी माल गाड़ी से सवारी ट्रेन टकराई कई लोगों के मारे जाने की आशंका कई घायल,, बचाव कार्य जारी

Bilaspur news-"नेशनल कॉन्वेंट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भारतीय नगर के द्वारा हर साल की तरह इस साल भी व्यंजन मेला का आयोजन,,,

Bilaspur news-"अनोखी शादी 17 मिनट मे"ये बड़ा वैवाहिक कार्यक्रम हुआ सम्पन्न,,,