""""8 NEWS CG-"""बाढ़ पीड़ितों को अब तक नहीं मिला मुआवजा, प्रशासन तक पहुंची प्रभावितों की आवाजपार्षद दिलीप पाटिल ने महिलाओं के साथ SDM कार्यालय पहुंचकर उठाई मांग,,पात्र परिवारों को जल्द राहत देने की अपील,,,,,
बाढ़ पीड़ितों को अब तक नहीं मिला मुआवजा, प्रशासन तक पहुंची प्रभावितों की आवाज
पार्षद दिलीप पाटिल ने महिलाओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचकर उठाई मांग, पात्र परिवारों को जल्द राहत देने की अपील
बिलासपुर-शहर के रविंद्रनाथ टैगोर वार्ड क्रमांक 52 में जून माह में हुई भारी बारिश से प्रभावित परिवार अब तक मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बारिश के दौरान घरों में पानी भरने से हुए नुकसान के बावजूद आर्थिक सहायता नहीं मिलने का मामला सामने आया है। प्रभावित परिवारों की समस्या को लेकर पार्षद दिलीप पाटिल ने पहल करते हुए महिलाओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी।प्रभावित महिलाओं ने बताया कि जून माह में हुई भारी बारिश के दौरान उनके घरों में पानी भर गया था, जिससे घरेलू सामान सहित अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। बारिश के बाद उन्हें प्रशासन की ओर से नियमानुसार राहत और मुआवजा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब तक सहायता राशि नहीं मिलने से उनकी परेशानी बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, वार्ड स्तर पर प्रभावित परिवारों के संबंध में सर्वे कर प्रतिवेदन तैयार किए जाने और संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख आवेदन में किया गया है। इसके बावजूद मुआवजे की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से प्रभावित परिवारों को आर्थिक राहत का इंतजार है,इसी मुद्दे को लेकर पार्षद दिलीप पाटिल प्रभावित महिलाओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रशासन का ध्यान मामले की ओर आकर्षित करते हुए प्रभावित परिवारों के आवेदनों और सर्वे प्रतिवेदन पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने पात्र परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि बारिश से हुए नुकसान के बाद परिवारों को राहत मिल सके।अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें,,,,
मुआवजे की मांग उठाए जाने के बाद प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि प्रशासन उनके मामलों की समीक्षा कर जल्द राहत प्रदान करेगा। फिलहाल, मुआवजा वितरण की प्रक्रिया और सहायता राशि को लेकर प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई स्पष्ट होना बाकी है। अब देखना होगा कि बारिश से प्रभावित इन परिवारों को आर्थिक सहायता कब तक मिल पाती है।
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