""""8 NEWS CG -""""अवैध शिकार पर वन विभाग का शिकंजा""चीतल के मांस के साथ दो आरोपी गिरफ्तार""नेचर कैंप में वन्यप्राणी संरक्षण का संदेश"""प्लास्टिक मुक्त अभियान से स्वच्छता और जागरूकता को मिला"""विस्तार,,,,

शेख असलम की रिपोर्ट,,,,,

अवैध शिकार पर वन विभाग का शिकंजा, चीतल के मांस के साथ दो आरोपी गिरफ्तार"""नेचर कैंप में वन्यप्राणी संरक्षण का संदेश, प्लास्टिक मुक्त अभियान से स्वच्छता और जागरूकता को मिला"""विस्तार,,,

चीतल के मांस के साथ दो आरोपी गिरफ्तार,,,,
अवैध शिकार पर वन विभाग का शिकंजा, चीतल के मांस के साथ दो आरोपी गिरफ्तार,,,,
बिलासपुर- वन्यजीवों के अवैध शिकार और वन्य प्राणियों के संरक्षण को लेकर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चीतल के मांस के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन परिक्षेत्र बिलासपुर एवं उड़नदस्ता बिलासपुर की संयुक्त टीम ने ग्राम मंजूर पहरी के दहाइत पारा में दबिश देकर आरोपियों के घर से चीतल का मांस बरामद किया।
वन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर मनोज पांडेय एवं वनमंडल अधिकारी नीरज के कड़े निर्देश, उप वनमंडलाधिकारी टी.आर. मरई के मार्गदर्शन तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी यशपाल वर्मा के नेतृत्व में की गई।मुखबिर की सूचना पर दी गई दबिश,,,,
06 अक्टूबर 2026 को वन विभाग को सूचना मिली कि ग्राम मंजूर पहरी, दहाइत पारा में वन्यप्राणी के मांस को रखा गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन परिक्षेत्र बिलासपुर और उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दबिश दी। तलाशी के दौरान आरोपियों के घर से वन्यप्राणी चीतल का मांस बरामद किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया अपराध
मामले में वन विभाग ने चैनसिंह पिता बुधवार सिंह गोंड, उम्र 40 वर्ष तथा राजकुमार पिता मोहर सिंह गोंड, उम्र 40 वर्ष, दोनों निवासी दहाइत पारा, ग्राम मंजूर पहरी, थाना सीपत, जिला बिलासपुर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने जप्त मांस को पकाकर खाने की तैयारी किए जाने की बात स्वीकार की।
वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
वन विभाग ने इस मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 17769/11, दिनांक 06 अक्टूबर 2026 दर्ज किया है। आरोपियों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की न्यायालयीन कार्रवाई की जा रही है।संयुक्त टीम की रही अहम भूमिका,,कार्रवाई में उड़नदस्ता प्रभारी ऋतु साहू, वनक्षेत्रपाल शिव कुमार नाग, वनपाल लोकमणी त्रिपाठी, वनपाल संगीता तिर्की, वनपाल जॉन केनेडी, वनपाल सुनील कुमार जायसवाल तथा वन परिक्षेत्र बिलासपुर से परिक्षेत्र सहायक सीपत लक्ष्मीकांत गढ़ेवाल, परिसर रक्षक मंजूरपहरी राजकुमार चेलकर और परिसर रक्षक कारीछापर राजा बघेल शामिल रहे।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और वन्यप्राणियों के मांस के अवैध उपयोग के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।नेचर कैंप में वन्यप्राणी संरक्षण और स्वच्छता अभियान
नेचर कैंप बोईरपड़ाव खोंधरा में गूंजा वन्यजीव संरक्षण का संदेश, प्लास्टिक मुक्त अभियान के साथ विद्यार्थियों ने लिया प्रकृति बचाने का संकल्प,,,,,
बिलासपुर-वन्यप्राणियों और प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वन परिक्षेत्र बिलासपुर अंतर्गत नेचर कैंप बोईरपड़ाव खोंधरा में वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह एवं सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
यह आयोजन मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर मनोज पांडेय, वनमंडल अधिकारी नीरज तथा उप वनमंडलाधिकारी टी.आर. मरई के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ प्राकृतिक आवासों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।प्लास्टिक मुक्त कैंपेन और स्वच्छता अभियान,,,,,,
नेचर कैंप बोईरपड़ाव खोंधरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया गया। वन क्षेत्र और कैंप परिसर में व्यापक साफ-सफाई की गई। इस दौरान लोगों को प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के बारे में जानकारी देते हुए वन क्षेत्रों में प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और कचरा खुले में नहीं फेंकने के लिए प्रेरित किया गया।वन विभाग ने बताया कि प्लास्टिक और अन्य कचरे से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में जंगल और उसके आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखना वन्यप्राणी संरक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विद्यार्थियों के बीच क्विज और निबंध प्रतियोगिता
अभियान को व्यापक रूप देते हुए सोंठी सर्किल के विभिन्न विद्यालयों में भी वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए वन्यजीव संरक्षण विषय पर क्विज प्रतियोगिता और निबंध लेखन प्रतियोगिता कराई गई।
प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को वन्यजीवों की उपयोगिता, जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व की जानकारी दी गई। वन विभाग का उद्देश्य बच्चों को बचपन से ही प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाना रहा।सामूहिक भागीदारी से बना अभियान प्रभावी,,,,,
कार्यक्रम में वन परिक्षेत्र अधिकारी यशपाल वर्मा, उड़नदस्ता प्रभारी ऋतु साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, सफाई दीदियां, कोंडरा सर्किल प्रभारी नागेन्द्र मिश्रा सहित वन विभाग के परिसर रक्षक और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों तथा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की सामूहिक भागीदारी से अभियान को व्यापक स्वरूप मिला। कार्यक्रम के दौरान सभी ने स्वच्छता बनाए रखने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा वन्यप्राणियों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
वन विभाग के इस अभियान को पर्यावरण संरक्षण के साथ नई पीढ़ी को वन्यजीवों के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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