""""8 NEWS CG -""""केंदा घाटी में मौत बनकर दौड़ रही सड़कें! जर्जर मार्ग ने बढ़ाया हादसों का खतरा, एक ही दिन में नीचे गिरे दो हाईवा,,,,,
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,केंदा घाटी में मौत बनकर दौड़ रही सड़कें! जर्जर मार्ग ने बढ़ाया हादसों का खतरा, एक ही दिन में नीचे गिरे दो हाईवा,,,,बिखरी गिट्टी, खतरनाक मोड़ और बदहाल सड़क से वाहन चालकों की जान जोखिम में, बाल-बाल टला बड़ा हादसा; आखिर बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों?
केंदा/बिलासपुर- बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले को जोड़ने वाली केंदा घाटी की बदहाल सड़क अब वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। जर्जर मार्ग, सड़क पर बिखरी गिट्टी और खतरनाक मोड़ों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि घाटी से गुजरना वाहन चालकों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। इसी बीच 10 अक्टूबर 2026 को दो हाईवा ट्रकों के सड़क से नीचे गिरने की घटना ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक ही दिन में दो हाईवा नीचे गिरे, बड़ा हादसा टलाकेंदा घाटी में दो भारी वाहनों के सड़क से नीचे गिरने की घटना ने मार्ग की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन दोनों वाहनों के नीचे गिरने से संभावित खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है। यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई गंभीर दुर्घटना होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।सड़क पर गिट्टी, मोड़ों पर खतरा—कब जागेगा विभाग?स्थानीय स्तर पर सड़क की बदहाल स्थिति को दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह माना जा रहा है। मार्ग के कई हिस्सों में सड़क जर्जर है और बिखरी गिट्टी के कारण वाहनों के फिसलने का खतरा बना रहता है। वहीं, खतरनाक मोड़ों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की कमी भारी वाहनों के चालकों के लिए परेशानी बढ़ाती है। घाटी जैसे संवेदनशील मार्ग पर सड़क की खराब स्थिति किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
दो जिलों की लाइफलाइन, फिर भी बदहाली का शिकारकेंदा घाटी का मार्ग बिलासपुर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसके बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं होने से वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं की आशंका के बीच सड़क की मरम्मत, गिट्टी हटाने और खतरनाक मोड़ों को सुरक्षित बनाने की जरूरत साफ नजर आ रही है।क्या बड़ी जनहानि के बाद जागेगा जिम्मेदार विभाग?सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर संबंधित विभाग किसी बड़ी जनहानि का इंतजार क्यों कर रहा है? दो हाईवा के सड़क से नीचे गिरने की घटना को गंभीर चेतावनी के रूप में लिया जाना चाहिए। जरूरत है कि जिम्मेदार विभाग तत्काल सड़क का निरीक्षण कर मरम्मत कराए, बिखरी गिट्टी हटाए, खतरनाक मोड़ों पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करे और चेतावनी संकेतक लगाए।अब कार्रवाई जरूरी है, सिर्फ आश्वासन नहीं। केंदा घाटी में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए समय रहते ठोस कदम उठाना जरूरी है, ताकि सड़क की बदहाली किसी बड़े हादसे और जनहानि की वजह न बने।
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