"""8 NEWS CG -""""महिला सरपंच की जगह पति ने ली शपथ, वीडियो सामने आने के बाद विभाग सख्त; अरुण जगत से एक सप्ताह में मांगा स्पष्टीकरण,, होगी कड़ी कार्रवाई?
शेख असलम की रिपोर्ट,,,,,महिला सरपंच की जगह पति ने ली शपथ, वीडियो सामने आने के बाद विभाग सख्त; अरुण जगत से एक सप्ताह में मांगा स्पष्टीकरण
मस्तूरी के केवटाडीह (भूतहा) ग्राम पंचायत का मामला, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर हो सकती है कड़ी कार्रवाई
बिलासपुर/मस्तूरी। जिले के मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत केवटाडीह (भूतहा) में नवनिर्वाचित महिला सरपंच की जगह उनके पति द्वारा शपथ लेने का मामला सामने आया है। शपथ ग्रहण समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। इस मामले में संबंधित विभाग ने अरुण जगत से एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। विभागीय स्तर पर स्पष्ट किया गया है कि जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में नवनिर्वाचित महिला सरपंच श्रीमती जयंती जगत की मौजूदगी में उनके पति अरुण जगत द्वारा शपथ पढ़े जाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में अरुण जगत शपथ के दौरान पद के दायित्वों के निर्वहन की बात कहते दिखाई और सुनाई दे रहे हैं। वहीं, महिला सरपंच उनके पास बैठी नजर आती हैं।महिला प्रतिनिधित्व और पंचायत नियमों पर सवाल,,,पंचायती राज व्यवस्था में निर्वाचित प्रतिनिधि को अपने पद से संबंधित संवैधानिक एवं वैधानिक दायित्वों का निर्वहन करना होता है। ऐसे में महिला सरपंच की जगह उनके पति द्वारा शपथ लिए जाने का मामला नियमों के पालन और प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े करता है। हालांकि, मामले में नियमों के उल्लंघन की प्रकृति और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण संबंधित दस्तावेजों एवं विभागीय जांच के आधार पर किया जाना आवश्यक है।बिजली विभाग में नियमित कर्मचारी होने की भी चर्चा,,अरुण जगत के बिजली विभाग में नियमित कर्मचारी होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में शपथ ग्रहण की घटना के साथ-साथ उनके शासकीय सेवा में होने से जुड़े पहलुओं की भी नियमानुसार जांच की आवश्यकता है।एक सप्ताह में जवाब तलब, कार्रवाई पर नजर,,वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने अरुण जगत से एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित पक्ष की ओर से क्या जवाब दिया जाता है और विभागीय जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है,, शपथ ग्रहण की वैधानिक स्थिति, संबंधित अधिकारियों की भूमिका तथा संभावित कार्रवाई के संबंध में अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक दस्तावेजों और विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
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