Bilaspur news-"रफ्तार का कहर: 20 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, पुलिस, डॉक्टर और पत्रकार ने बचाने की भरसक कोशिश की लेकिन नहीं बच सकी जान,,,,

शेख असलम की रिपोर्ट,,,,
रफ्तार का कहर: 20 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, पुलिस, डॉक्टर और पत्रकार ने बचाने की भरसक कोशिश की लेकिन नहीं बच सकी जान

सिविल लाइन थाने से महज 100 मीटर दूर हुआ हादसा, बुलेट 650 सीसी पेड़ से टकराई; पथलगांव निवासी मेहुल सिंह की हुई मौत

बिलासपुर- तेज रफ्तार एक बार फिर एक युवा जिंदगी पर भारी पड़ गई। शनिवार रात लगभग 10 बजे सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी, डॉक्टर और स्थानीय लोगों ने युवक की जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन अंततः अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब 10 बजे वे किसी कार्य से सिविल लाइन थाना पहुंचे थे। उसी समय थाना प्रभारी किशोर केवंट भी किसी कार्य से बाहर निकल रहे थे। दोनों के बीच चर्चा चल ही रही थी कि अचानक बाहर से जोरदार टक्कर की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही वे दौड़कर मौके पर पहुंचे।थाने से मात्र 100 मीटर की दूरी पर चर्च के सामने एक युवक अपनी बुलेट 650 सीसी मोटरसाइकिल सहित पेड़ से टकराकर सड़क पर गिरा पड़ा था। (
दुर्घटना इतनी भयावह थी कि भारी-भरकम मोटरसाइकिल युवक के शरीर के ऊपर आ गिरी थी। थाना प्रभारी किशोर केवंट और अन्य लोगों ने मिलकर तत्काल बाइक को युवक के ऊपर से हटाया।युवक हेलमेट पहने हुए था। हेलमेट हटाकर उसकी स्थिति देखी गई तो वह गंभीर रूप से घायल था और बेहोश पड़ा था। कुछ ही देर में घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन अधिकांश लोग मदद करने के बजाय मोबाइल से वीडियो और फोटो बनाने में व्यस्त दिखाई दिए।इसी दौरान थाने से कई पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस वाहन आने में थोड़ी देर होती देख घायल युवक को तत्काल निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया गया। 
तभी भीड़ में मौजूद एक डॉक्टर आगे आए और उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए मौके पर ही युवक को सीपीआर देना शुरू कर दिया।घायल युवक को वाहन में बैठाकर अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी पत्रकार आकाश दत्त मिश्रा भी मदद के लिए आगे आए और अस्पताल तक साथ रहे। रास्ते भर डॉक्टर लगातार युवक को सीपीआर देते रहे और उसकी सांसें वापस लाने का प्रयास करते रहे।सभी प्रयासों के बावजूद जब युवक को सिम्स अस्पताल पहुंचाया गया, तब डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
 युवक की मौत से मौके पर मौजूद सभी लोग भावुक हो गए।इसके बाद युवक की पहचान के लिए उसकी जेब की तलाशी ली गई, जिसमें एक आधार कार्ड मिला। आधार कार्ड के अनुसार मृतक की पहचान मेहुल सिंह (20 वर्ष), पिता सुरेंद्र सिंह, निवासी पथलगांव के रूप में हुई।घटना की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निजी सहायक दीपक अंधारे को दी गई। उन्होंने तुरंत पथलगांव विधायक गोमती साय को मामले से अवगत कराया। विधायक ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल परिजनों को सूचना दिलवाई और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई शीघ्र करने के निर्देश दिए।रविवार सुबह मुख्यमंत्री के निजी सहायक एवं स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे तुलसी कौशिक ने भी सक्रियता दिखाते हुए जिला प्रशासन से संपर्क किया। उनके निर्देश पर सभी आवश्यक औपचारिकताएं तेजी से पूरी कराई गईं तथा मृतक के पार्थिव शरीर को पथलगांव स्थित उसके घर तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी कराई गई।इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार के खतरों को उजागर कर दिया है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि यदि सड़क पर चलने वाले युवा गति पर नियंत्रण रखें तो ऐसी कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।युवक को बचाने के लिए पुलिस, डॉक्टर, पत्रकार और अन्य लोगों ने पूरी ताकत लगा दी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। 20 वर्ष की उम्र में एक युवा जिंदगी का इस तरह खत्म हो जाना हर किसी को झकझोर गया है।(इस पुरे खबर मे मुख्यरूप से जो मददगार किरदार धनंजय गिरी गोस्वामी है,, जो इससे पहले महाराणा प्रताप चौक में भी मदद करते नजर आए थे,,,)

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